बांदा। स्कूल और सार्वजनिक भवन अब वहीं बनेंगे, जहां बाढ़ का खतरा न हो। इसके अलावा भवन भूकंपरोधी भी होंगे। मृदा परीक्षण के बाद ही निर्माण को मंजूरी मिलेगी। ये निर्देश प्रदेश के आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार ने जारी किए हैं।
अपर सचिव ने कहा है कि अब सरकारी भवनों व स्कूलों के लिए जमीन चिन्हांकन में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि निर्माण स्थल उच्चतम बाढ़ स्तर (एचएफएल) से ऊपर हो। वहां की मिट्टी का भी परीक्षण होगा। सेफ बियरिंग कैपिसिटी (एसबीसी) और भवन की डिजाइन भूकंपरोधी होगी।
राजकीय निर्माण निगम द्वारा डिजाइन तैयार किया जाएगा। आपदा प्रबंधन से संबंधित इन कार्यों के लिए धन की अलग व्यवस्था की जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने यह भी कहा है कि विद्यालयों के कार्यक्रमों व प्रतियोगिताओं में ‘आपदा प्रबंधन’ विषय को सम्मिलित कर बच्चों को इसके बचाव की जानकारी दी जाए।
अग्निशमन विभाग विद्यालयों में संगोष्ठी व मॉक अभ्यास कराए। एडीएम संतोष बहादुर ने बताया कि कार्यदायी संस्थाओं, अग्निशमन विभाग व डीआईओएस और बेसिक शिक्षाधिकारियों को पत्र भेजकर आपदा प्रबंधन की गाइड लाइन से अवगत कराया गया है।