बांदा। एक ओर जहां अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी वहीं दूसरी ओर जनपद के अस्पतालों में कई बच्चों ने जन्म लिया। इससे उनके माता-पिता की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। किसी ने अपने बच्चों का नाम राघव, राम और रघुवर रखा तो बेटियों को जानकी व सीता कहकर पुकारा। इस मौके पर माता-पिता के अलावा डॉक्टर और अस्पताल का स्टाफ भी काफी खुश नजर आए। इन बच्चों ने 22 जनवरी को अलग-अलग अस्पतालों में जन्म लिया।
अतर्रा तहसील क्षेत्र के दिखितवारा गांव निवासी बेबी प्रीति व उसके पति सचिन के यहां बच्ची का जन्म हुआ। जिला महिला अस्पताल में अपनी दादी सुमित्रा की गोद में नन्ही सी बच्ची का उनके दादा-दादी ने वैदही नाम रखा। सीएमएस. डॉ. सुनीता सिंह ने बताया कि माता-पिता समेत पूरे स्टाफ ने खुशी मनाई।
जिला महिला अस्पताल में जसपुरा की आकांक्षा पत्नी राहुल सिंह ने बच्ची को जन्म दिया। बुआ सुमन ने उसका नाम सीता रखा। सीएमएस डॉ. सुनीता सिंह ने बताया कि इस बच्ची का नामकरण सीता हुआ है।
बिलगांव की पिंकी पत्नी इंद्रकुमार के घर बेटे का जन्म हुआ। उनकी दादी कमला ने इस शुभ अवसर पर अपने पौत्र का नाम रामजी रखा। आशा कार्यकर्ता सुभद्रा ने बताया कि उन्होंने रामजी नाम से जन्म प्रमाण पत्र भी बनवाया है। सीएमएस डॉ. सुनीता सिंह व पूरे स्टाफ ने उन्हें बधाई दी है।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के छनेहा पुरवा गांव निवासी सुमित पत्नी महेश के घर प्राण प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर बेटे का जन्म हुआ। मां ने बेटे का नाम श्रीराम उर्फ देवांश रखा। दादी ने उसे खूब प्यारा किया। सीएमएस डॉ. सुनीता सिंह ने बच्चे व उनके माता-पिता को हार्दिक बधाई दी।
बबेरू सीएचसी में अलिहा गांव की आरती देवी ने बेटी का जन्म दिया। आरती ने बताया कि इस शुभ अवसर पर बच्ची का नाम वैदही रखा है। सीएचसी अधीक्षक ऋषिकेश ने इस शुभ अवसर पर खुशी जताई।