चिल्ला/कमासिन। घर में अकेली किशोरी ने दुपट्टे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दूसरी घटना में युवक घर में रस्सी के फंदे पर झूल गया। दोनों घटनाओं में परिजन मृतकों को मानसिक रूप से कमजोर बता रहे हैं।
चिल्ला थाना क्षेत्र अंतर्गत कस्बा निवासी छेदीलाल की पुत्री किरन (15) ने बृहस्पतिवार की शाम खपरैल में दुपट्टे से फांसी लगा ली। उसकी वहीं मौत हो गई। खेत से लौटे पिता और मां शव फंदे पर लटका देखा। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया है। पिता का कहना है कि घटना के वक्त किरन घर में अकेली थी। आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं कर सका। एसओ वीर प्रताप सिंह ने परिजनों के हवाले से बताया कि मृतका मानसिक रूप से कमजोर बताई गई है।
दूसरी घटना कमासिन थाना क्षेत्र के ग्वालिन डेरा (मुसीवां) की है। बृहस्पतिवार की रात गांव निवासी ननकाई का बेटा कमल उर्फ रमाशंकर (30) ने कमरे में रस्सी से फांसी लगा ली। सुबह परिजनों ने शव फंदे पर लटका देखा। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है। परिजनों का कहना है कि मृतक दो साल से मानसिक रूप से कमजोर था। खुदकुशी की वजह नहीं बता सके। उधर, तेंदुरा (बिसंडा) गांव में बृहस्पतिवार की शाम किसान जगमोहन ने खपरैल में रस्सी से फांसी लगा ली। परिजनों की उस पर नजर पड़ गई और फंदा काटकर उसे जिला अस्पताल लाकर भर्ती कराया है। घटना की वजह गृह कलह बताई गई।
प्रवासी मजदूर ने ट्रेन से कटकर दी जान
बांदा। प्रवासी मजदूर ने ट्रेन के सामने छलांग लगाकर जान दे दी। पैलानी थाना क्षेत्र के लसड़ा गांव निवासी कैलाश का बेटा अवध किशोर (44) ने शुक्रवार की सुबह शहर के संकट मोचन मंदिर के सामने रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची मृतक की जेब से मिले आधार कार्ड से पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। युवक के मामा जय सिंह ने बताया कि अवध किशोर अविवाहित था। तीन भाइयों में दूसरे नंबर का था। गुजरात में रहकर मजदूरी करता था। एक माह पहले वह गुजरात से घर वापस आया था। 14 अप्रैल को ननिहाल पपरेंदा चला गया। बृहस्पतिवार को शाम घर वापस जाने को कहकर ननिहाल से निकल आया था। मृतक मानसिक रूप से बीमार था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। (संवाद)