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गैस सब्सिडी...उपभोक्ताओं को जोर का झटका

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बांदा। गैस सब्सिडी पर केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को जोर का झटका दिया है। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट के गैस उपभोक्ताओं को हर माह 14.33 करोड़ रुपये सब्सिडी की चपत लग रही है।
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करीब एक साल से उपभोक्ताओं के खाते में सब्सिडी के नाम पर मात्र 24 रुपये 05 पैसे पहुंच रहे, जबकि पिछले वर्ष अप्रैल माह में प्रत्येक गैस उपभोक्ता के खाते में 190 रुपये सब्सिडी भेजी जा रही थी।
रसोई गैस का निर्धारित मूल्य दर (बेस प्रॉइज) के अलावा बढ़ी कीमत सब्सिडी के रूप में उपभोक्ताओं को लौटाई जाती है। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों में बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और चित्रकूट में कुल 8.63 लाख गैस कनेक्शनधारक हैं। चित्रकूटधाम मंडल में विभिन्न कंपनियों के लगभग आठ लाख 63 हजार 816 गैस कनेक्शनधारक हैं।
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बांदा गैस एजेंसी संचालकों के मुताबिक, मौजूदा समय में उपभोक्ताओं को हर माह प्रति सिलिंडर पर 24.05 रुपये सब्सिडी दी जा रही है। बताया कि यह न्यूनतम राशि सीधे उपभोक्ताओं के खाते में भेजी जा रही है। इस बाबत संचालकों की मानें तो लगभग एक साल से उपभोक्ताओं के खाते में यही सब्सिडी भेजी जा रही है। साल-दर-साल सब्सिडी कम हो रही है।
इन दिनों भरे गैस सिलिंडर की कीमत 867 रुपये है, जबकि पिछले वर्ष अप्रैल माह में गैस सिलिंडर की कीमत 581 रुपये थी और सब्सिडी 190 रुपये दी जा रही थी। पिछले वर्ष की अपेक्षा चालू वर्ष में लगभग 165 रुपये 95 पैसे सब्सिडी घटा दी गई है। हालांकि, सब्सिडी कम होने को लेकर एजेंसी संचालक कोई स्पष्ट वजह नहीं बता पा रहे। सरकार और कंपनी के निर्देशों का हवाला बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
पिछले छह वर्षों में अप्रैल माह में गैस की कीमत और सब्सिडी (रुपये में)---
वर्ष कीमत सब्सिडी
2016 544.50 119.87
2017 761.00 313.60
2018 688.00 193.00
2019 670.40 170.00
2020 581.60 190.00
2021 841.50 24.05
नोट- गैस एजेंसी द्वारा प्राप्त रिपोर्ट
मंडल में कई कंपनियों के गैस कनेक्शनधारकों का ब्योरा---
जनपद बीपीसी एचपीसी आईओसी कुल
बांदा 15479 48719 238816 303014
चित्रकूट 29154 51563 87498 168215
हमीरपुर 71238 59126 99962 230326
महोबा 23976 47116 91169 162261
योग 139847 206524 517445 863816
2015 में मिली थी 568 रुपये सब्सिडी
वर्ष 2015 से सब्सिडी कनेक्शनधारकों के खातों में भेजी जा रही है। सब्सिडी की शुरुआत के दौरान सभी गैस उपभोक्ताओं के पहली बार 568 रुपये एक मुश्त राशि खातों में भेजी गई थी।
आंकड़ों के मुताबिक, दूसरी बार वर्ष 2017 में उपभोक्ताओं को 313.60 रुपये सब्सिडी मिली थी। इनके बाद फिर किसी वर्ष में सब्सिडी ने तीन सौ से ज्यादा का आंकड़ा नहीं छुआ।
रोजाना 10 हजार से ज्यादा सिलिंडर की खपत
बांदा जिले में लगभग कुल 12 एजेंसियां हैं। रोजाना करीब 10 हजार गैस सिलिंडरों की खपत हो रही है। एजेंसियों के मुताबिक, कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की कीमत अधिक होने से छोटे और फुटपाथी खाद्य पदार्थ के दुकानदार इनका इस्तेमाल नहीं करते।
घरेलू गैस सिलिंडरों के इस्तेमाल किए जाने से खपत ज्यादा बढ़ी है। विभिन्न एजेंसियों से रोजाना 10 हजार से ज्यादा घरेलू गैस सिलिंडर की खपत हो रही है। कामर्शियल गैस सिलिंडर की खपत बमुश्किल रोजाना 300 है।
सिलिंडर की बढ़ी कीमतें रास नहीं आ रहीं
सर्विस ठीक न होने पर एजेंसी बदलने के केंद्र की मोदी सरकार के फैसले को गैस कनेक्शनधारक सराहनीय बता रहे हैं। गृहिणियों का कहना है कि अक्सर एजेंसियां उपभोक्ताओं को परेशान करती हैं। खासकर जिस एजेंसी में कनेक्शन ज्यादा होते हैं, वहां समय पर गैस मिलने में दिक्कत आती है।
उधर, रसोई गैस सिलिंडर के दामों में वृद्धि गृहिणियों को रास नहीं आ रही है। इस समय गैस सिलिंडर की कीमत 867 रुपये है। जवाहर नगर की सुषमा देवी और डीएम कालोनी की कीर्ति निगम का कहना है कि गैस सिलिंडर की कीमतों में वृद्धि से रसोई का बजट बिगड़ रहा है। कोरोना काल में आर्थिक तंगी के बीच यह वृद्धि नागवार गुजर रही है।
जहां सब्सिडी ज्यादा होगी, वहां सिलिंडर भी महंगा होगा। अलग-अलग क्षेत्रों में सब्सिडी अलग हो जाती है। मौजूदा में गैस सिलिंडर की सब्सिडी कम होने की वजह नहीं बता सकेंगे। बशर्ते सरकार और हेड ऑफिस से सब्सिडी दर निर्धारित होती है। फिलहाल तीनों कंपनियों की गैस दर समान है। मौजूदा में रिटेल सेलिंग प्रॉइज 867 रुपये प्रति सिलिंडर है। बेस प्रॉइज प्रति किलोग्राम होती है।
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- आशीष मौर्या, नोडल अधिकारी, बांदा।
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