बांदा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान-इस्राइल युद्ध के कारण घरेलू गैस की कीमतों में वृद्धि हुई है। बांदा जिले में प्रति सिलिंडर 60 रुपये का इजाफा हुआ है। इससे लाखों उपभोक्ताओं की रसोई का बजट प्रभावित होने की आशंका है।
पहले घरेलू गैस सिलिंडर 890 रुपये में उपलब्ध था, जो अब 60 रुपये की बढ़ोतरी के बाद 950 रुपये का हो गया है। जिले में प्रतिदिन लगभग आठ हजार सिलिंडरों की खपत होती है। इस मूल्य वृद्धि से उपभोक्ताओं पर प्रतिदिन लगभग पांच लाख रुपये का अतिरिक्त भार पड़ेगा। जिले में साढ़े चार लाख घरेलू गैस सिलिंडर धारक हैं, जिनमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थी भी शामिल हैं।
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पहले ही बिगड़ा है रसोई बजट
गृहिणी रानी का कहना है कि महंगाई के कारण रसोईघर का बजट पहले से ही गड़बड है। गैस की बढ़ी कीमतों से और भी बिगड़ जाएगा। अब तो लगता है कि पहले की तरह गैस को त्यागकर चूल्हे में खाना बनाएं। गैस से लकड़ी सस्ती पड़ रही है।
प्रतिमाह लगते दो सिलिंडर
गृहिणी साधन का कहना है पहले लग रहा था कि गैस सस्ती पड़ती है। लेकिन गैस की कीमतों ने हद ही कर दी है। 10 लोगों के परिवार में प्रतिमाह दो गैस सिलिंडर लगते है। जो अब 1900 रुपये के मिलेंगे। इतने में एक माह तक लकड़ियों में खाना बना लूंगी।
जिले में गैस एजेंसी व कनेक्शन
गैस एजेंसी कनेक्शन
41 4.50 लाख
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वर्जन-
गैस के दाम केंद्र से बढ़ते है। इरान-इस्राइल युद्ध के चलते गैस की आपूर्ति विदेशों से नहीं हो पा रही है। ऐसे में 60 रुपये प्रति सिलिंडर दाम बढ़े है। स्थिति सामान्य होने पर कीमतें घट भी सकती है।
- अश्विनी, विक्रय प्रबंधक, इंडेन
नोडल अधिकारी, बांदा