Garden of 73 species of fodder in agriculture university
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बांदा। अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना के 50 वर्ष पूरे होने पर मंगलवार को स्वर्ण जयंती वर्ष मनाया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (दिल्ली) महानिदेशक डॉ.त्रिलोचन महापात्रा ने बांदा कृषि विश्वविद्यालय सहित देश के 50 चारा उद्यानों का ऑनलाइन उद्घाटन किया।
कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने कहा कि अन्ना पशुओं की समस्या खत्म करने में हरे चारे का महत्वपूर्ण योगदान है। इसके लिए विश्वविद्यालय में चारे वाली फसलों पर शोध चल रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्वर्ण जयंती चारा उद्यान में चारे की कुल आठ फसलों की 73 प्रजातियां लगाई गई हैं। जई के 41 और बरसीम की 15 प्रजातियां हैं। अधिष्ठाता प्रो. जीएस पवार ने किसानों को सलाह दी कि चारा उद्यान का भ्रमण कर अपने क्षेत्र में उत्पादित करने के लिए वैज्ञानिक सलाह ले सकते हैं।
शस्य विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह ने चारा उद्यान व इससे होने वाले लाभ बताए। सह निदेशक शोध डॉ. एसी मिश्रा ने कहा कि शोध का निष्कर्ष उपयोगी और लाभकारी होगा। संचालित नोडल अधिकारी डॉ. अरुण कुमार ने कहा कि चारे की फसलों के लिए कम प्रक्षेत्र में वर्ष भर उत्पादन लिया जा सकता है।