Meritorious got hard work points after six months
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बांदा। यूपी बोर्ड की लापरवाही से हाईस्कूल परीक्षा में एक विषय में गैरहाजिर दिखा दी गई छात्रा को हाईकोर्ट ने न्याय दे दिया लेकिन अपना हक पाने के लिए इस छात्रा और उसके परिवार को करीब छह माह तक मशक्कत करनी पड़ी। कोर्ट के फैसले के बाद पूरा परिवार खुश नजर आ रहा है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय बंडे (महुवा) में सहायक अध्यापक पद पर तैनात बृजेश कुमार सिंह की पुत्री प्रियंका ने पिछले वर्ष सरस्वती बालिका इंटर कॉलेज (केन पथ) से संस्थागत रूप में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। साइंस ग्रुप की इस छात्रा ने मन लगाकर पढ़ा और परीक्षा दी। 27 जून को निकले रिजल्ट में उसे सामाजिक विज्ञान विषय में गैरहाजिर दर्शाया दिया गया। उसने परीक्षा केंद्र विद्यालय में जांच पड़ताल कराई तो अभिलेखों में सभी विषयों की परीक्षा में उपस्थिति दर्ज थी।
परीक्षा केंद्र के अभिलेखों के साथ उसने बोर्ड को आवेदन किया और गलती दुरुस्त करने का अनुरोध किया। तब बोर्ड ने औसत 26 अंक देकर उसे उत्तीर्ण कर दिया लेकिन प्रियंका संतुष्ट नहीं हुई। इसके बाद उसने अक्तूबर में अधिवक्ता योगेश मिश्र के जरिए हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी। कोर्ट ने सुनवाई करते हुए पुन: मूल्याकंन के आदेश दिए। इसके बाद हुए मूल्यांकन में प्रियंका को सामाजिक विज्ञान में 82 अंक मिले। वह 85 फीसदी अंकों के साथ उत्तीर्ण हुई है।
मेधावी छात्रा प्रियंका बताती हैं कि उसे हाईकोर्ट से मिले न्याय में परिवार के साथ चाचा रामराज सिंह (आचार्य सरस्वती शिशु मंदिर) और विद्यालय का भी पूरा सहयोग मिला। मंगलवार को प्रियंका के घर खुशियों से मंगलमय था। अखबार में छपी खबर देखकर परिजन और शुभचिंतक घर आकर बधाई देते रहे। मां सीमा देवी गृहिणी हैं। प्रियंका का एक मात्र छोटा भाई विवेक सिंह सरस्वती शिशु मंदिर में छठवीं का छात्र है। मूल रूप से नरैनी क्षेत्र के नौहाई गांव का रहने वाला यह परिवार यहां आवंती नगर में रह रहा है।