बांदा। मध्य प्रदेश की घाटियों और बांध क्षेत्रों में पिछले 24 घंटे से हो रही जोरदार बारिश ने सूखे पड़े गंगऊ और बरियारपुर बांध को उफना दिया है। दोनों बांधों से क्रस्टवाल से उफना कर लगभग 96 हजार क्यूसेक पानी केन नदी में गिर रहा है। नदी का जल स्तर भी बढ़ने लगा है।
केन मुख्य नहर में 660 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। ऐसे में केन नदी का जल स्तर 35 से 40 सेंटी मीटर प्रति घंटे की गति से बढ़ रहा है। जल स्तर बढ़ने की यही गति रही तो शाम तक नदी किनारे के 32 गांवों के ग्रामीणों को बाढ़ राहत चौकियों में शरण लेनी पड़ेगी। हजारों एकड़ खरीफ फसलें जलमग्न हो जाएगी। मध्य प्रदेश और बांधों के जल संग्रह क्षेत्रों में पिछले कई दिनों से झमाझम बारिश हो रही है।
ऐसे में गंगऊ, बरियारपुर बांध भर गए है। गंगऊ बांध के क्रस्टवाल से उफनाकर 96 हजार व बरियारपुर 78 हजार क्यूसिक पानी केन नदी में गिर रहा है। ऐसे में केन नदी के जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार केन नदी के जल स्तर में 35 से 40 सेंटी मीटर प्रति घंटे की गति से इजाफा हो रहा है। 24 घंटे में केन नदी का जल स्तर दो मीटर बढ़ गया है।
मंगलवार को केन का जलस्तर 98.45 मीटर पर पहुंंच गया है। हालांकि यह अभी खतरे के निशान से करीब छह मीटर नीचे है। लेकिन केन का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन सतर्क है। केन की बाढ़ से प्रभावित होने वाले नदी किनारे के गांवों के ग्रामीणों को सतर्क किया गया है। ग्रामीणों से बाढ़ राहत चौकियों में पहुंचने की अपील की गई है। एडीएम राजेश कुमार का कहना है कि नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो शाम तक नदी का पानी बस्तियों में घुसने लगेगा। प्रशासन जल स्तर पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए है। हालांकि घाटियों में बारिश के थमने से जल स्तर पर कमी आना शुरू हो गई है। दोपहर से जल स्तर महज 20 सेंटी मीटर प्रति घंटे की गति पर बढ़ रहा है।
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यमुना भी इतराई, तेजी से बढ़ रहा जल स्तर
बांदा। यमुना नदी भी इतराने लगी है। पिछले 24 घंटे में यमुना के जल स्तर में दो मीटर का इजाफा हुआ है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार यमुना नदी का जल स्तर चिल्ला घाट में 91.40 मीटर नापा गया है। यानि की केन नदी अपने खतरे के निशान महज आठ मीटर नीचे है। एक मीटर जल स्तर और बढ़ा तो पैलानी क्षेत्र के 12 गांव पानी में घिर जाएंगे। नाला नालियों के उफनाने से कई गांवों का संपर्क टूटने का खतरा है। संवाद