गणेश चतुर्थी इस बार संयोगों की सौगात लेकर आएगी। 17 सितंबर को महागणपति चतुर्थी पर्व पर शुक्रवार को स्वाती नक्षत्र का योग बन रहा है। इस दिन भगवान गणेश के पालन हार स्वरूप की विशेष पूजा-अर्चना होगी। यह संयोग समृद्धिकारक होगा और शुभकार्य होंगे।
शहर के विभिन्न स्थानों पर छोटी-बड़ी दर्जन भर प्रतिमाएं स्थापित कर गणपति की पूजा की जाएगी। 7 दिन तक चलने वाले गणेश उत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। क्योटरा निवासी पंडित उमाकांत त्रिवेदी ने बताया कि गणेश महोत्सव की शुरुआत बृहस्पतिवार 17 सितंबर से होगी।
साथ ही 23 सितंबर तक पूरे शहर में गणेश उत्सव की धूम रहेगी। शास्त्रों के मुताबिक गणपित का जन्म भाद्रपद पक्ष चतुर्थी में हुआ था। यह योग शुभ है। यह सुख समृद्धि का द्योतक और जनमानस का जीवन स्तर ऊंचा करने में सहायक बनेगा।
इस दिन शरद ऋतु की शुरुआत और भगवान विश्वकर्मा की जयंती भी होगी। गोदावरी स्नान का विशेष महत्व रहेगा। भगवान गणेश के पालनहार रूप की विशेष पूजा-अर्चना होगी।