बीज मिनी किट के लिए पंजीकरण कराते किसान।
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बांदा। अफसरों की लेटलतीफी से बीज के मिनी किट लेने आए किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। विकास भवन में जमकर हंगामा काटा। स्थानीय अधिकारियों के साथ प्रदेश सरकार को भी कोसा। इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी नदारद रहे। बीज गोदाम प्रभारी को देर तक घेरे रखा।
‘नेशनल मिशन ऑन आयल सीड्स एंड आयल पाम योजना’ के तहत शुक्रवार को विकास भवन सभागार में मिनी किट बीज वितरण के लिए किसानों को बुलाया गया था। दैवी आपदा के मारे बीज के लिए परेशान किसान दोपहर एक बजे से गर्मी और धूप में आ गए। अफसरों के आने का इंतजार करते रहे। करीब साढ़े तीन बजे तक कृषि विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं आया।
इस पर वहां मौजूद सैकड़ों किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। शोर-शराबे पर डीडी उमेशचंद्र कटियार और जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव कर्मचारियों को लेकर पहुंचे और आनन-फानन सभागार का ताला खुलवाकर बैनर टंगवाए। वाहनों से मिनी किट की बोरियां मंगाई गईं।
करीब पांच बजे तक किसानों को मिनी किट दिए गए। इसमें अधिकांश किसान मिनी किट से वंचित रह गए। मिनी किट वितरण में डीएम को भी आना था, लेकिन देर तक वे भी नहीं पहुंचे। दिन भर के भूखे-प्यासे किसान व्यवस्था को कोसते रहे। राजकीय बीज गोदाम प्रभारी (बड़ोखर) पीएन वर्मा को किसानों ने घंटों घेरे रखा।