पहाड़ों में बर्फबारी और बारिश ने ठंड में जबर्दस्त
इजाफा कर दिया है। गुरुवार को पूरे दिन में बादल और कोहरे से सूरज के दीदार
नहीं हुए।
उधर, स्कूलाें की छुट्टी बढ़ाई न जाने से सभी स्कूल खुल
गए। बच्चों को ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल जाना पड़ा। देर रात हो रही बारिश
से मंडल मुख्यालय की बिजली गुल हो गई। इससे कई इलाकों में अंधेरा छाया
रहा।
पिछले 10 दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में उतार-चढ़ाव
का सिलसिला जारी है। कई दिनों से पारे का लगातार नीचे गिरना भी जारी है।
बृहस्पतिवार को एक डिग्री पारा और लुढ़क गया। अधिकतम तापमान 14 डिग्री और
न्यूनतम 5 डिग्री सेल्सियस रहा।
बादल की वजह से मौसम में आर्द्रता
फिर 60-100 फीसदी रही। शीत लहरों का कहर भी बरकरार रहा। केंद्रीय जल आयोग
में मौसम के जानकार सुरेश कुमार ने बताया कि पहाड़ों में लगातार बर्फबारी
के चलते ठंड कम होने का नाम नहीं ले रही है।
अभी दो-तीन दिन ठंड से
राहत के आसार नहीं है। उधर, शाम को गहरे बादल छा गए और शाम होते ही बारिश
भी शुरू हो गई। ठंडी हवाओं का कहर मौसम को और खतरनाक बनाए रहा।
भीषण
ठंड को देखते हुए प्रशासन ने 21 जनवरी तक स्कूल-कालेजों में छुट्टी रखी।
बृहस्पतिवार को लगभग एक माह बाद स्कूल खुले लेकिन मौसम ने फिर रुख बदला और
शीत लहर, कोहरा और बारिश ने मौसम खुलने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। ऐसे
में एक बार फिर स्कूलों में छुट्टी की मांगे उठने लगीं। छुट्टी के लिए
बच्चों से ज्यादा स्कूलों के टीचर परेशान हैं।