त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के ठीक पहले वोटरों को लुभाने के लिए मौजूदा ग्राम प्रधानों को संजीवनी मिल गई है। शासन ने ग्राम पंचायतों को दिए जाने वाले बजट आदि में लगाई गई रोक हटाते हुए जिले के सभी 8 ब्लाकों के लिए 9.50 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस पैसे से स्कूल, पंचायत भवनों की मरम्मत व रख-रखाव, प्रकाश व्यवस्था, नाली, खड़ंजा व अन्य विकास के कार्य कराए जाएंगे।
चतुर्थ राज्य वित्त की पहली और दूसरी किस्त में 9 करोड़ 50 लाख 94 हजार रुपये अवमुक्त किए हैं। ग्राम पंचायत विभाग इस धनराशि को ब्लाकवार ग्राम पंचायतों के खाते में भेज रहा है।
जसपुरा ब्लाक को 60.2 लाख, बिसंडा ब्लाक को 1 करोड़ 19 लाख 73 हजार, कमासिन ब्लाक को एक करोड़ 7 लाख 54 हजार, बड़ोखर खुर्द ब्लाक को 1 करोड़ 24 लाख 58 हजार, बबेरू ब्लाक को 1 करोड़ 30 लाख 46 हजार, महुआ ब्लाक को 1 करोड़ 39 लाख 74 हजार, नरैनी ब्लाक को 1 करोड़ 60 लाख 15 हजार और तिंदवारी ब्लाक की ग्राम सभाओं के लिए 1 करोड़ 8 लाख 84 हजार रुपये जारी हुए हैं।
बिना अनुमोदन नहीं होंगे कार्य
मंडलायुक्त कल्पना अवस्थी ने कहा है कि चतुर्थ राज्य वित्त के कार्य मानकों के मुताबिक ही कराए जाएंगे। ग्राम पंचायतों की कार्य योजना खुली बैठक में तैयार की जाएगी। कार्यों का अनुमोदन सक्षम अधिकारियों से लेना होगा। इस्टीमेट विकास खंड स्तरीय अवर अभियंता या फिर जिला पंचायत से तैयार कराया जाएगा।
कार्य पूरा होने के बाद उसकी एमआईएस फीडिंग होगी। बिल वाउचर, टेंडर कोटेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद दूसरा कार्य कराया जाएगा। 50 हजार रुपये तक का कार्य ग्राम पंचायत कर सकेंगी। इसके ऊपर ढाई लाख तक एडीओ पंचायत के अनुमोदन से और ढाई से 5 लाख तक डीपीआरओ के अनुदान से कार्य कराए जाएंगे। इसके ऊपर के कार्यों में डीएम से अनुमोदन लेना होगा।