शनिवार को चौथे दिन भी रिमझिम बारिश होती रही। धुंध से दिन में शाम जैसा नजारा रहा। उधर, बारिश ने गेहूं व दलहनी फसलों को तो संजीवनी दे दी है, पर धान कटने से खाली हुए खेतों में दलदल हो जाने से बुआई ठप हो गई है।
केंद्रीय जल आयोग में मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 17 और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया है। मौसम में 90-110 फीसदी आर्द्रता है। शनिवार को पूरा दिन रिमझिम 0.3 मिलीमीटर बारिश हुई।
बीते तीन दिनों में कुल करीब 9 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है। रिमझिम फुहारों से अब दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है। चारों तरफ शहर व गांवों में दलदल ने समस्याएं पैदा कर दी हैं। लोग कीचड़ से सराबोर हो रहे हैं। उधर, गांवों में धान की मड़ाई का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।
धान कटने के बाद नरैनी,अतर्रा व बड़ोखर क्षेत्र में सैकड़ों बीघा खेत बुवाई के लिए पड़े हैं। समय निकल जाने के बाद अब इनकी बुवाई की उम्मीद खत्म हो रही है। खेतों में दलदल है। दूसरी तरफ फुहारों वाली यह बारिश गेहूं, मसूर, मटर, चना, सरसो आदि फसलों के लिए ‘सोने पे सुहागा’ साबित हो रही है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ.मुलायम सिंह परिहार का कहना है कि यदि मौसम ऐसे ही रहा तो आगे दलहनी फसलों को नुकसान हो सकता है। फिलहाल अभी किसी तरह का नुकसान नहीं है। किसान समय से फसलों पर उर्वरकों का छिड़काव करें। इस साल बेहतर उपज की संभावना है।