प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत सैमरी गांव में 24 घंटे के अंदर चार बालकों की आकस्मिक मौत हो गई। तीन की मौत सर्प दंश से हुई, जबकि एक अन्य बालक स्कूल जाते समय अचानक पेट में दर्द के बाद चल बसा। चार बच्चों की मौत से गांव में हड़कंप मच गया। सूचना पर क्षेत्रीय विधायक, डीएम, सीएमओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर अन्य बच्चों का चेकअप किया।
बुधवार शाम शिवमोहन के 13 वर्षीय पुत्र जगदीश और राजकुमार कुशवाहा के 12 वर्षीय पुत्र शिवम को घर के पास सांप ने डस लिया। परिजन अंधविश्वास में झाड़फूंक कराते रहे। बच्चों की हालत बिगड़ती चली गई। बाद में पीएचसी लाया गया। यहां डाक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। गुरुवार को सुबह पड़ोस में खेलते समय राममिलन वर्मा के 12 वर्षीय पुत्र दीपू को सांप ने डंस लिया। उसकी भी मौत हो गई।
तीन मौतों से गांव में शोक छाया हुआ था कि इसी बीच गुरुवार को सुबह रामचंद्र प्रजापति के 11 वर्षीय पुत्र धीरू को स्कूल जाते समय अचानक पेट दर्द होने लगा। परिजन उसे अस्पताल ले जा रहे थे। रास्ते में मौत हो गई। चारों शवों का परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम कराए अंतिम संस्कार कर दिया।
उधर, चार मौतों की खबर मिलने पर विधायक बृजेश प्रजापति सैमरी गांव पहुंच गए। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार सहित डाक्टरों की टीम ने कई बच्चों की जांच की। डीएम हीरालाल, एसडीएम थमीम अंसरिया ने भी गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। एसडीएम थमीम अंसरिया ने शोकग्रस्त महिलाओं को सांत्वना दी। उधर, ग्राम प्रधान कमलेश वाजपेयी ने अधिकारियों को बताया कि एक साथ चार अर्थियां उठने की गांव में यह पहली घटना है। सीएमओ का कहना है कि गांव में कोई विशेष बीमारी इत्यादि नहीं फैली है। चार मौतों से सैमरी गांव में आसपास के आधा दर्जन से गांवों की भीड़ इकट्ठा रही।