बांदा। सपा के राज्यसभा सांसद व महासचिव विशंभर प्रसाद निषाद ने बृहस्पतिवार को सदन में किसानों का मुद्दा उठाया। उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों का हवाला देकर कहा कि देश की सौर ऊर्जा कंपनियों द्वारा पावर एनर्जी प्लांट लगाने के लिए किसानों की जमीनें अधिगृहीत की हैं। वादे के मुताबिक, अब तक किसी भी किसान परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी का लाभ नहीं दिया गया है।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के रीवा जिला, कर्नाटक के पावगाड़ा सोलर प्लांट और उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, जालौन में पावर एनर्जी प्लांट लगाने के लिए किसानों की जमीनें ली गईं, लेकिन वादे के मुताबिक किसान परिवार को नौकरियां नहीं मिली। बांदा के चहितारा गांव का हवाला देकर बताया कि यहां सौर ऊर्जा प्लांट के लिए 165 एकड़ जमीन किसानों से जरिया बैनामा ली गई। इसके बदले में प्रत्येक किसान को नौकरी देने का हलफनामा दिया गया। प्लांट लगने के एक साल के अंदर कुछ लोगों को जो नौकरी दी गई थी फिर निकाल दिया गया है। इससे किसानों में आक्रोश है। भूमिहीन किसान अब आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने सदन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि देश के कई राज्यों में किसानों की जमीनों पर लगे सौर ऊर्जा प्लांटों की कंपनियों से वादे के अनुसार प्रत्येक किसान परिवार को नौकरी दी जाएं। (संवाद)