बांदा के पूर्व सांसद रामनाथ दुबे। (फाइल फोटो)
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बांदा। वकालत, राजनीति और सामाजिक गतिविधियों में लगातार शोहरत हासिल करने वाले जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सांसद रामनाथ दुबे अब नहीं रहे। लगभग 86 वर्ष की उम्र का सफर पूरा कर चुके दुबे ने धनतेरस की पूर्व संध्या पर गुरुवार की शाम सिविल लाइंस स्थित अपने आवास में अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोगों का उनके आवास पर आकर शोक जताना शुरू हो गया। यह देर रात तक जारी था। अंतिम संस्कार शुक्रवार को सुबह 10 बजे हरदौली घाट में होगा।
रामनाथ दुबे कुछ अरसे से बीमार थे। वे वर्ष 1980 से 1985 तक कांग्रेस के सांसद रहे। वर्ष 2001 से 2006 तक जिला कांग्रेस अध्यक्ष रहे। पांच दशक से ज्यादा समय तक वकालत की। वे सीनियर अधिवक्ताओं में शुमार थे। जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और एल्डर्स कमेटी के कई बार चेयरमैन रहे। शिक्षण संस्थाओं से भी जुड़े रहे।
डीएवी इंटर कालेज, बांदा के प्रबंधक, संगम उच्चतर माध्यमिक कालेज, चिल्ला, गोपाल संस्कृत पाठशाला, रसिन, रतननाथ इंटर कालेज, रसिन के प्रबंधक, वेद विद्यालय, चित्रकूट के अध्यक्ष, कोआपरेटिव बैंक व यूपी लायर्स कान्फ्रेंस अध्यक्ष रहे। बांदा स्थित आरएन इंस्टीट्यूट एंड एडवांस स्टडीज के संस्थापक भी थे। वह अपने पीछे पत्नी सहित एक पुत्र और दो पुत्री छोड़ गए हैं। सभी विवाहित हैं। पुत्र राजेश दुबे अधिवक्ता हैं। शव यात्रा सुबह 10 बजे अशोक लाट स्थित आवास से हरदौली के लिए रवाना होगी।
अधिवक्ता संघ की शोकसभा आज
बांदा। वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सांसद रामनाथ दुबे के निधन पर जिला अधिवक्ता संघ ने शोक जताते हुए शुक्रवार (25 अक्तूबर) को अदालती कामकाज न करने का निर्णय लिया है। साथ ही दोपहर डेढ़ बजे संघ भवन में शोकसभा की जाएगी। उधर, मेरठ और इलाहाबाद में अधिवक्ताओं की हत्या के विरोध में अधिवक्ता संघ ने विरोध दिवस मनाते हुए हड़ताल पर रहने का निर्णय लिया है। यह जानकारी अध्यक्ष सुबीर सिंह गौर और महासचिव जयकरण वर्मा ने दी।