बांदा। सगे भाइयों की हत्या में नामजद नंदवारा निवासी पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा के बेटे और पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा ने एक वीडियो जारी कर माहौल को गरमा दिया है।
महेंद्र ने जन अधिकारी पार्टी के संस्थापक और जौनपुर के सांसद बाबू सिंह कुशवाह और उनके भाई शिवशरण कुशवाहा पर साजिश का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की।
नरैनी थाना क्षेत्र के गांव नंदवारा में दो सगे भाइयों की हत्या के मामले में महेंद्र पाल वर्मा को भी नामजद किया गया है। हालांकि पुलिस अभी उसकी भूमिका की जांच कर रही है।
इसी बीच शनिवार को महेंद्र पाल वर्मा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया। इसमें बांदा के अतर्रा क्षेत्र के निवासी जौनपुर सांसद बाबूसिंह कुशवाहा और उनके भाई शिवशरण कुशवाहा पर झूठा फंसाने का आरोप लगाया।
आरोप लगाया कि दोनों ही आपराधिक किस्म के हैं और उसका राजनीतिक जीवन खत्म करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उसने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। अमर उजाला वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।
यह वीडियो राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि अब तक इस पर सांसद बाबूसिंह कुशवाहा की कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आरोपी महेंद्र पाल वर्मा पूर्व में जिला पंचायत सदस्य भी रह चुका है। साथ ही वह मध्यप्रदेश के पन्ना से वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव भी लड़ा था। उसे महज 2877 वोट ही मिले थे।
समाज से निष्पक्ष जांच की मांग करने की अपील
पूरे घटनाक्रम में पीड़ित पक्ष, आरोपी पक्ष और महेंद्र पाल वर्मा सजातीय हैं। वे लोधी राजपूत समाज से आते हैं। इसीलिए महेंद्र पाल वर्मा ने जारी वीडियो में दोनों बच्चों को अपना बताते हुए ऐसी किसी घटना में शामिल होने से इन्कार किया है। साथ ही समाज के लोगों से घटना की निष्पक्ष जांच सीएम योगी आदित्यनाथ से अपील करने की मांग की है।
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नंदवारा में पुलिस का पहरा
नरैनी। गांव नंदवारा में दो मासूम सगे भाइयों की हत्या के बाद गांव में सन्नाटा पसरा है। वहीं पुलिस का भी पहरा यहां लगाया गया है। पुलिस क्षेत्राधिकारी प्रवीण यादव ने बताया कि स्थिति सामान्य बनाए रखने और किसी भी तरह के विवाद की आशंका को देखते हुए तीन उपनिरीक्षकों समेत आठ सिपाहियों को गांव में तैनात किया गया है। पुलिस टीम गांव में लगातार गश्त कर रही है और ग्रामीणों से पूछताछ कर रही है।
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आरोपी की गर्भवती पत्नी के पेट में लात मारने की कहानी...कितनी सच
बांदा। नंदवारा में दो मासूम भाइयों की हत्या के बाद रंजिश से जुड़ी कई कहानियां सामने आ रही हैं। इनमें एक कहानी आरोपी अखिलेश की गर्भवती पत्नी सुनीता के पेट में लात मारने और उसके बाद अखिलेश द्वारा भइयाराम के परिवार का वंश खत्म करने की कथित धमकी से जुड़ी है। लेकिन यह सच है या बस सुनी सुनाई कहानी है, इसे पुष्ट पुलिस भी नहीं कर पा रही है।
पुलिस के अनुसार भइयाराम राजपूत और भवानीदीन के परिवार के बीच पहले से विवाद चल रहा था। पहले भी पेड़ काटने और फसल खराब करने को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई थी। इस मामले में दोनों तरफ से क्रॉस एफआईआर दर्ज हुई थी और दोनों मुकदमे न्यायालय में विचाराधीन हैं। रंजिश को ही पुलिस दोहरे हत्याकांड की जांच में एक महत्वपूर्ण बिंदु मानकर चल रही है।
शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई थी कि पूर्व में हुए विवाद के दौरान भइयाराम और उसके घरवालों ने अखिलेश की गर्भवती पत्नी सुनीता के साथ मारपीट की थी और उसके पेट में लात मारी गई थी। इसके बाद अखिलेश के मन में रंजिश होने और उसने भइयाराम का वंश खत्म करने की बात कही थी, ऐसी जानकारी पुलिस को मिली थी। (संवाद)
लेकिन यह अभी जांच में सामने आया एक कथित घटनाक्रम है, पुलिस की ओर से प्रमाणित तथ्य नहीं। खास बात यह है कि हत्या के मामले में गिरफ्तार अखिलेश ने पूछताछ के दौरान पुलिस के सामने न तो हत्या की बात स्वीकार की और न ही इस कथित बदले की कहानी की पुष्टि की है।