बुंदेलखंड किसान यूनियन के कलक्ट्रेट के पास चल रहे बेमियादी धरने में शनिवार को पूर्व मंत्री और कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष बादशाह सिंह ने भी उपस्थिति दर्ज कराकर किसानों की मांगों को जायज बताया। धरने में कई गांवों के किसान शामिल रहे। शासन और प्रशासन की अनदेखी से किसानों में रोष पनप रहा है। उधर, शुक्रवार की शाम धरना स्थल पर ही किसान मंगल काव्य संध्या आयोजित हुई। कवियों ने खेत-खलिहानों के हालात अपनी रचनाओं में बयां किए।
धरने को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड के किसान लगातार दैवी आपदाओं से प्रभावित होते चले आ रहे हैं। उन्हें भरपूर सरकारी सहायता और संरक्षण की जरूरत है। लघु और सीमांत किसानों के मानक का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए। उधर, शनिवार को धरने में करिंगा, अकौना और भुराने पुरवा आदि गांवों के किसान भी शामिल रहे।
यूनियन राष्ट्रीय अध्यक्ष विमल शर्मा और प्रवक्ता अनिल मिश्रा ने कहा कि कर्जमाफी की आनलाइन व्यवस्था बंद होना से किसान परेशान हैं। इसकी डेट बढ़ाई जाए। धरने में श्रवण कुमार, लक्ष्मीकांत, अखिलेश रावत, गजबदन शुक्ला, गणेश प्रसाद शर्मा, किरन पाठक, राकेश साहू, अनीता सिंह आदि शामिल रहीं।
उधर, शुक्रवार की शाम धरना स्थल पर काव्य संध्या में कवि चंद्रप्रकाश विनीत, धर्मपाल सिंह, काजी जमीर अहमद, बनवारी लाल, मऊरानीपुर के वेद झारखड़िया, डा. भानु प्रताप, दीनदयाल सोनी, चंद्रप्रकाश, मिथलेश, नाथूराम लश्करी, संजय बाबी, गजराज सिंह आदि ने रचनाओं से किसानों की पीड़ा बताई। अध्यक्षता कवि सुंदरलाल भार्गव ने की।