बांदा। वरिष्ठ समाजवादी नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री जमुना प्रसाद बोस का सोमवार की शाम लखनऊ के डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल कोविड सेंटर में निधन हो गया। कोरोना संक्रमित होने के बाद 2 सितंबर को भर्ती कराया गया था। वे लगभग 95 वर्ष के थे। उनके निधन से सपा सहित अन्य दलों के नेताओं ने भी गहरा दुख जताया है। अंतिम संस्कार कोविड गाइड लाइन के अनुसार लखनऊ में ही होगा।
जमुना प्रसाद बोस को बुंदेलखंड का गांधी भी कहा जाता था। वे ईमानदारी की बेमिसाल थे। 1974 में सोशलिस्ट पार्टी से पहली बार विधायक बने। 1978 में रामनरेश मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने। 1985 में बांदा से विधायक रहे। 1989 में मुलायम सिंह सरकार में भी कैबिनेट मंत्री थे।
आपातकाल के दौरान जेल भेजे जाने से उन्हें लोकतंत्र रक्षक सेनानी का दर्जा भी हासिल था। उनके निधन की खबर आते ही शोक संदेशों का तांता लग गया। उनका परिवार फिलहाल लखनऊ में ही है।
सपा के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद ने कहा कि बोस जी पूरे प्रदेश के नेता थे। पूरा जीवन गरीबों के लिए संघर्ष किया। लोहिया और मुलायम सिंह यादव के नजदीकी रहे। उनके निधन की क्षति अपूर्णनीय है।