बांदा। सोमवार से शुरू हो रहे राष्ट्रीय पोषण माह में कुपोषित बच्चों को चिह्नित कर एक-एक मुफ्त गाय दी जाएगी। इसके पालन के लिए पशुपालन विभाग हर माह 900 रुपये देगा। शनिवार को डीएम अमित सिंह बंसल ने तैयारियों की समीक्षा की।
कलक्ट्रेट में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि 30 सितंबर तक चलने वाले इस माह में कुपोषित बच्चों का चिन्हांकन और अनुश्रवण होगा। पोषण वाटिका के तहत पौधरोपण अभियान आयोजित किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने पोषण माह में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की दिवसवार कार्ययोजना की जानकारी दी।
बताया कि इसमें कई विभाग करेंगे। आयोजनों की फोटोग्राफ भारत सरकार की वेबसाइट पर डाली जाएगी। डीएम ने निर्देश दिया कि आंगनबाड़ी घर-घर जाकर स्वयं बच्चों का चिन्हांकन करें। उनकी सूची क्षेत्रीय मुख्य सेविका को उपलब्ध कराएं। मुख्य सेविका यह सूची बाल विकास परियोजना अधिकारी को देंगे।
बाल विकास परियोजना अधिकारी इस सूची के आधार पर बच्चों का अनुश्रवण करेंगी। साथ ही चिन्हित बच्चों को पशुपालन विभाग द्वारा एक गाय उपलब्ध कराई जाएगी। इसके भरण पोषण के लिए 900 रुपये प्रतिमाह पशु पालन विभाग द्वारा दिया जाएगा। सैम बच्चों के परिवारों में दूध की उपलब्धता से कुपोषण कम करने में मदद मिलेगी।
डीएम ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और सामुदायिक स्थलों में पोषण वाटिका बनाई जाए। इनमें सहजन, आंवला के पेड़ मुख्य रूप से लगाए जाएं। इन पौधों की उपलब्धता के लिए उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए। बैठक में सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, सीएमओ डा.एनडी शर्मा सहित बीएसए हरिश्चंद्र नाथ, डीपीआरओ, कार्यक्रम अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी आदि उपस्थित रहे।
पोषण समिति की समीक्षा बैठक
बांदा। डीएम अमित सिंह बंसल ने जिला कन्वर्जेंस/पोषण समिति की बैठक में इससे संबंधित मुख्य विभागों स्वास्थ्य, आईसीडीएस, पंचायती राज, बेसिक शिक्षा, खाद्य एवं रसद, ग्राम विकास आदि के कार्यों की समीक्षा की। संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि अगली बैठक में अपने विभाग से संबंधित सूचनाएं निर्धारित प्रारूप में पेश करें। उन्होंने कहा कि सभी आयोजन कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार ही किए जाएंगे। गर्भवती महिलाएं और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चे घर पर ही रहे।