फोटो - 23 जलती बैलगाड़ी के पास खड़ा किसान। स्त्रोत : स्वयं
बदौसा। गरीब किसान छेदीलाल ने वन विभाग के कर्मचारियों पर उसकी बैलगाड़ी में आग लगाने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित किसान ने घटना की शिकायत बदौसा थाने और संपूर्ण समाधान दिवस में दर्ज कराई है। जिसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
घटना बदौसा थाना क्षेत्र की उतरवां ग्राम पंचायत के मजरा पटवारी पुरवा की है। पीड़ित किसान छेदीलाल ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि चार मार्च की सुबह लगभग सात बजे वह अपने खेत से सरसों की फसल लेने के लिए बैलगाड़ी से निकला था। इसी दौरान वन विभाग के फॉरेस्ट गार्ड व पांच अज्ञात संविदा वन कर्मियों ने उसकी बैलगाड़ी को जबरन खेत से घसीटा। आरोप है कि वन कर्मियों ने बैलों को भगा दिया और फिर बैलगाड़ी में आग लगा दी।
छेदीलाल का कहना है कि उसने वन कर्मियों के पैर पकड़कर गिड़गिड़ाने की बहुत कोशिश की लेकिन उन पर कोई रहम नहीं आई। उसकी आंखों के सामने ही बैलगाड़ी जलकर खाक हो गई। इसके बाद वन कर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट भी की। पीड़ित ने बताया कि वन कर्मियों ने उसे धमकी दी कि अगर उसने कोई कार्रवाई की तो उसे गांव में नहीं रहने दिया जाएगा। भय दिखाकर उससे 2000 रुपये भी छीन लिए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने जांच का आश्वासन दिया है। थाना प्रभारी बदौसा अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि किसान द्वारा बैलगाड़ी जलाए जाने की तहरीर प्राप्त हुई है और इसमें जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी जे रीभा ने हुजूर लेखपाल को जमीन की गलत पैमाइश की शिकायत पर फटकार लगाई। उन्होंने नायब तहसीलदार को अपनी मौजूदगी में पैमाइश करने के निर्देश दिए।