बांदा। शासन ने पहली बार एक साथ जिला अस्पताल समेत जिले के 17 वरिष्ठ डॉक्टरों का स्थानांतरण कर दिया है। स्वेच्छा से तबादला चाहने वाले मात्र तीन डॉक्टरों को छोड़कर अन्य डॉक्टरों को फिलहाल अभी कार्यमुक्त नहीं किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की दलील है कि जब तक नए डॉक्टर नहीं आते पुराने डॉक्टरों को कार्य मुक्त नहीं किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश शासन के चिकित्सा अनुभाग द्वारा शुक्रवार को डॉक्टरों की अलग-अलग स्थानांतरण सूची जारी की गई है। इनमें वे डॉक्टर शामिल हैं जो सात साल से ज्यादा समय से जमे हैं या स्वेच्छा से तबादला के लिए आवेदन कर रखा था।
जिला अस्पताल के सात डॉक्टरों समेत सीएमओ के अधीन कार्यरत करीब 10 डॉक्टरों के नाम सूची में शामिल हैं। शासन के निर्देश हैं कि डॉक्टर शीघ्र नए स्थानों पर कार्यभार ग्रहण कर लें। जुलाई का वेतन भी उन्हें नवीन तैनाती स्थल से ही दिया जाएगा।
जिला अस्पताल : ईएमओ डॉ. विनीत सचान व डॉ. प्रदीप गुप्ता, फिजीशियन डॉ. एसडी त्रिपाठी, नाक, कान, गला रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकेश कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. बागीश श्रीवास्तव, डेंटल सर्जन डॉ. अनिल यादव और हड्डी रोग डॉ. विकासदीप बिल्हाटिया।
सीएमओ के अधीन : डॉ. कपिल देव, डॉ. नवीन चक, डॉ. पीएन यादव, डॉ. आशुतोष मिश्रा, डॉ. अविनाश कुमार, डॉ. राहुल गुप्ता, डॉ. जितेंद्र सिंह, डॉ. शिवपाल, डॉ. रूबी यादव और डॉ. ऋतंभरा गौतम आदि शामिल हैं।
सीएमओ डॉ. अनिल कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि चिकित्सकों को स्थानांतरण आदेश से अवगत करा दिया गया है। नए डॉक्टरों के आने पर कार्यमुक्त कर दिया जाएगा। फिलहाल स्वेच्छा से तबादला लेने वाले डॉक्टरों को कार्यमुक्त कर दिया गया है। उनके स्थान पर डॉ. मनोज राजपूत (झांसी), डॉ. अवतार सिंह (कानपुर), डॉ. नेहा जैन (फतेहपुर) ने यहां कार्यभार ग्रहण कर लिया है।
उधर, सीएमएस डॉ. एसएन मिश्र ने बताया कि बुंदेलखंड में स्थानांतरण को लेकर शासन की अलग नीति है। इसी के तहत नए डॉक्टर के कार्यभार संभालने के बाद ही पुराने चिकित्सकों को कार्यमुक्त किया जाएगा।