बांदा/अतर्रा। कोडीन युक्त सिरप के काले कारोबारियों के खिलाफ शुरू हुई जांच अब इन आरोपियों के मनी ट्रेल पर आकर तेज हो गई है। पुलिस ने कारोबार में अब तक गिरफ्तार हुए लोगों व उनके साथियों के घूमने-फिरने की जगहों, रुपये खर्च करने के तरीके और ली गई संपत्तियों पर फोकस किया है।
खबर है कि पुलिस को अहम सुराग भी मिले हैं और पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े चार लोगों के करीब पहुंच गई है। यह व्यक्ति अतर्रा कस्बे के बताए जा रहे हैं। पुलिस की जांच में पहले ही चरण में इनके खिलाफ प्रमाण मिले हैं और पुलिस अब इन्हें हिरासत में लेकर जांच को आगे बढ़ा सकती है।
कारोबार करने वाले आरोपियों को बेहद करीब से जानने वाले बताते हैं कि इस यह व्यापार काफी समय से चोरी छिपे चल रहा था और आरोपियों ने इसके जरिए काफी संपत्ति भी बनाई है। हालांकि यह संपत्ति कितनी बड़ी है, इसकी स्पष्ट जानकारी किसी के पास नहीं है। कारोबार से जुड़े लोग आए दिन बांदा, लखनऊ, दिल्ली में जाकर महंगी पार्टियों में शामिल होते थे और घूमने के लिए नेपाल व अन्य कई शहरों में जा चुके हैं।
पुलिस का फोकस इस विषय पर हैं कि नेपाल व अन्य जगहों पर किस तरीके से रुपये खर्च किए गए हैं। भुगतान नगद या डिजिटल तरीके से किया गया था या फिर किसी तीसरे व्यक्ति ने यह रकम चुकाई है। अगर नेपाल या अन्य जगहों पर किसी तीसरे व्यक्ति ने भुगतान किया है तो वह इस जांच का अहम किरदार साबित हो सकता है, क्योंकि दूसरे देश में किसी व्यक्ति के लिए भुगतान करना उनका करीबी होने का प्रमाण है। इसलिए मुख्य आरोपी प्रांशु गुप्ता उर्फ किशन, रोहित पांडेय और प्रवीण गुप्ता उर्फ लकी की आय के स्रोत, बैंक खाते, डिजिटल भुगतान, संपत्ति, वाहन और इनके बड़े खर्चे का मिलान करने की तैयारी हो रही है।
आरोपियों के महंगे खर्च, महंगी पार्टियां और घूमने का शौक लोगों की जुबां पर है। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस प्रांशु गुप्ता उर्फ किशन और उसके साथियों की लग्जरी लाइफ के पन्ने पलटती है तो कई राज बाहर आ सकते हैं।
मनी ट्रेल का मतलब
मनी ट्रेल का सीधा मतलब पैसे के आने-जाने या गुजरने का रास्ता है। सरल शब्दों में कहें तो यह पता लगाने की प्रक्रिया है कि पैसा कहां से आया, किन-किन खातों या हाथों से होते हुए कहां गया और उसका इस्तेमाल कहाँ हुआ। कानूनी और जांच एजेंसियों की भाषा में मनी ट्रेल का उपयोग भ्रष्टाचार, घूसखोरी, मनी लॉन्ड्रिंग (धोखाधड़ी से कमाए गए काले धन को सफेद करना) या किसी भी आर्थिक अपराध की जांच के लिए किया जाता है।