बांदा। एफएम रेडियो रिले केंद्र में 24 घंटे प्रसारण
की अर्जी ठुकरा देने के बाद अब प्रसार भारती ने रिले केंद्र में स्टूडियो
बनाने से भी साफ इनकार कर दिया है। इससे बुंदेलखंड के स्थानीय कलाकारों,
साहित्यकारों तथा कवियों में मायूसी है।
इंदिरा नगर स्थित भवन में
पिछले वर्ष एफएम रेडियो स्टेशन शुरू हुआ है। फिलहाल इसमें दिन में 12 बजे
से रात 11 बजे तक प्रसारण होता है। विविध भारती, मुंबई के कार्यक्रम रिले
किए जा रहे हैं।
आरटीआई एक्टिविस्ट कुलदीप शुक्ला ने जनसूचना
अधिकार अधिनियम के तहत प्रसार भारती (आकाशवाणी) से जानकारी चाही थी कि रिले
केंद्र से 24 घंटे कार्यक्रम क्यों नहीं रिले हो रहे?
इस पर हाल
ही में आकाशवाणी महानिदेशालय से यह जवाब आया था कि आकाशवाणी नेटवर्क में
सभी स्तरों पर स्टाफ की नितांत कमी है, इसलिए स्टाफ की नियुक्ति और पद
स्थापना के बगैर दीर्घ कालीन (24) घंटे प्रसारण संभव नहीं है। यह खबर अमर
उजाला मेें इसी माह 9 अक्तूबर को प्रकाशित भी हुई थी।
आरटीआई
एक्टिविस्ट कुलदीप ने केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अरुण जेटली को पिछले
दिनों पत्र भेजकर अनुरोध किया था कि बुंदेलखंड के कलाकारों को अवसर प्रदान
करने और रिले केंद्र का भरपूर लाभ लेने के लिए बांदा एफएम रिले केंद्र में
स्टूडियो की भी स्थापना की जाए।
इस फरमाइश पर प्रसार भारती,
आकाशवाणी महानिदेशालय के उप निदेशक (योजना) यशोदा नंदन ने कुलदीप शुक्ल को
भेजे पत्र में कहा है कि बांदा एफएम रेडियो केंद्र पर स्टूडियो बनाने की
कोई योजना नहीं है। भविष्य में इसके निर्माण की योजना धन की उपलब्धता पर
निर्भर करेगी।
गौरतलब है कि स्टूडियो की स्थापना से बुंदेलखंड के कलाकारों को आकाशवाणी में अपने कार्यक्रम प्रस्तुत करने का मौका मिल सकता है।