बांदा। बाढ़ शिविरों में न रहने वाले परिवारों को अब सहायता राशि के रूप में प्रति वयस्क को 100 व अवयस्क को 60 रुपये प्रतिदिन दिए जाएंगे। पहले 60 व 40 रुपये दिए जाते थे। इसके अलावा आपदा के बाद जीवन निर्वाह के लिए वयस्क को 20 व अवयस्क को 15 रुपये प्रति व्यक्ति प्रतिदिन दिया जाएगा।
प्रदेश के राहत आयुक्त रेणुका शास्त्री ने डीएम को जारी आदेशों में कहा कि मानसून आने के बाद कई नदियां उफान पर हैं। प्रदेश के 32 जनपदों में नदियों का पानी बस्ती में घुसने से जन-धन हानि की संभावना उत्पन्न हो गई है। ऐसे में बाढ़ से निपटने के लिए जनपद स्तर पर तैयारियां शुरू हो गईं। बाढ़ राहत चौकियों में पानी, बिजली, शौच आदि की व्यवस्था की जाए।
आदेश में कहा कि शासन ने बाढ़ के दौरान राहत शिविरों में शरण न लेने वाले परिवारों को सहायता के रूप में अब प्रति वयस्क को 100 व अवयस्क को 60 रुपये मिलेंगे। पहले वयस्क को 60 व अवयस्क को 40 रुपये दिए जाते थे।
बाढ़ के बाद जिन परिवारों की खाद्य सामग्री नष्ट हो गई या उपलब्ध नहीं है। ऐसे परिवारों को जीवन निर्वाह के रूप में वयस्क को 20 व अवयस्क को 15 रुपये प्रति व्यक्ति मदद दी जाएगी। बाढ़ के दौरान मकान गिरने व पानी में बह जाने से होने वाली मौतों पर पूर्व की भांति चार लाख रुपये प्रति व्यक्ति सहायता दी जाएगी।
शारीरिक असमर्थता 40 से 60 फीसदी तक होने पर प्रति व्यक्ति 59,100 रुपये व 60 प्रतिशत से अधिक पर दो लाख रुपये आर्थिक मदद दी जाएगी। गंभीर रूप से चोट लगने व एक सप्ताह से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहने पर प्रति व्यक्ति 12,700 रुपये व एक सप्ताह से कम अस्पताल में रुकने पर 4,300 रुपये दिए जाएंगेेेेे।