बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में वन क्षेत्र की दृष्टि से महत्वपूर्ण चित्रकूट जनपद में पौधरोपण सहित इससे जुड़े कई कार्यों में घोटाले की जांच के लिए पांच समितियां गठित की गई हैं। यह चित्रकूट जनपद के सभी वन रेंज की 11 से 13 मई तक जांच करेंगी। जांच समिति में चित्रकूटधाम मंडल के अधिकारी और कर्मचारियों सहित कैमूर वन जीव प्रभाग (कानपुर क्षेत्र) के कर्मचारी भी शामिल किए गए हैं।
चित्रकूट के उप प्रभागीय वनाधिकारी/प्रभारी डीएफओ आरके दीक्षित के बारे में कई शिकायत उच्च स्तर पर की गई हैं। इसे संज्ञान में लेकर प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने चार मार्च को जांच के आदेश दिए थे। इस पर बुंदेलखंड जोन (झांसी) के मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह ने शुक्रवार को जांच समितियां गठित कर दी हैं। ये टीमें अलग-अलग वन रेंज क्षेत्रों में मौके पर जाकर जांच करेंगी और कम से कम 25 प्रतिशत क्षेत्रों को रेंडम आधार पर जांच के लिए चुनेंगी। शिकायतकर्ता भी मौजूद रहेंगे। टीमें 11 मई को सुबह 10 बजे चित्रकूट मुख्यालय पहुंचेंगी।
इनसेट
रेंजवार गठित जांच टीमें
कर्वी रेंज : एमपी गौतम (उप प्रभागीय वनाधिकारी, मऊरानीपुर), सतीश कुमार (उप क्षेत्राधिकारी वन), महेंद्र सिंह व शिवम सिंह (वन दरोगा)।
मानिकपुर रेंज : सत्य प्रकाश सिंह (उप प्रभागीय वनाधिकारी, हमीरपुर), ऋषभ मिश्रा व तौहीद अहमद (वन दरोगा), अनूप सिंह (वन रक्षक)।
बरगढ़ रेंज : राकेश कुमार (सहायक वन संरक्षक, कैमूर वन्य जीव प्रभाग), त्रिभुवन प्रसाद सिंह (उप क्षेत्र वनाधिकारी), अंजनी मिश्रा व धर्मराज (वन दरोगा)।
रैपुरा रेंज : विवेक यादव (उप प्रभागीय वनाधिकारी, बांदा), चंद्र प्रकाश (उप क्षेत्रीय वनाधिकारी), कमलेश यादव (वन दरोगा), चंद्रशेखर वर्मा (रक्षक)।
मारकुंडी रेंज : मनीष कुमार सिंह (सहायक वन संरक्षक, काशी वन्य जीव प्रभाग), गुरुदेव सिंह (वन दरोगा), संदीप वर्मा व सचिन पांडेय (वन रक्षक)।
जांच के बिंदु
वर्ष 2021-22 में पौधों के लिए गड्ढा, बोना नाली, सुरक्षा खाई, थैला भरान, पत्थरवाड़ी। एनएएफसी योजना के बजट में श्रमिकों को फर्जी भुगतान। मजदूरी को लेकर बयान। फर्जी वाचर चार्ज। परदवा बीट में करीब एक हजार हेक्टेयर में करोड़ों रुपये का सिल्का सेंड का अवैध खनन। देशाह व अगरहुंडा बीट में मौरंग का अवैध खनन आदि।
फोटो-09बीएनडीपी-9 : आशीष सागर।
सीबीआई जांच के लिए हाईकोर्ट में दस्तक
बांदा। चित्रकूटधाम मंडल में पौधरोपण और हरियाली के नाम पर कई वर्षों से चल रहे करोड़ों के खेल की लगातार शिकायतें कर रहे आरटीआई कार्यकर्ता और समाजसेवी आशीष सागर दीक्षित ने अब यह मुद्दा इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंचा दिया है। जनहित याचिका दायर कर दी है। उन्होंने बताया कि नेशनल एडाप्सन फंड फार क्लाइमेट चेंज (एनएएफएफसी) योजना से पिछले चार वर्षों में चित्रकूटधाम मंडल में करोड़ों रुपये का गोलमाल हुआ है। बांदा जनपद में 316.40 लाख, चित्रकूट में 618.752 लाख और हमीरपुर में 610.723 लाख रुपये वन समिति के माध्यम से वनों पर खर्च दर्शाए गए हैं। जनवरी माह में उन्हें यह सूचना आरटीआई में मिली थी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट में दो वर्ष से जनहित याचिका लंबित है। इसमें सीबीआई जांच की मांग की गई है।