पांच नकाबपोश डकैतों ने शनिवार की रात शहर के तुलसी नगर (बाबा तालाब) मोहल्ले के एक घर पर धावा बोलकर दो लाख रुपये और लगभग तीन लाख के जेवर लूट लिए। इस दौरान एक साल के मासूम बच्चे के रोने पर उसकी गर्दन मरोड़ कर हत्या कर दी। डकैतों की पिटाई से गृहस्वामी, उसकी पत्नी समेत तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पति-पत्नी का कानपुर के हैलट अस्पताल में इलाज चल रहा है। डीआईजी ने भी मौका मुआयना किया।
पेशे से बिजली मैकेनिक भोला प्रजापति (40) पुत्र खिलाड़ी परिवार के साथ घर मेें सो रहा था। रात करीब डेढ़ बजे बदमाश सीढ़ी लगाकर छत पर चढ़े और जीने के रास्ते अंदर उतर आए। कमरे में सो रहे भोला के ससुर जगना (63) को दबोच कर साफी से उसके दोनों हाथ और लुंगी से पैर बांध दिए। शोर मचाने पर गला दबाते हुए चुप रहने की धमकी दी।
दूसरे कमरे में सो रहे भोला प्रजापति व पत्नी सर्वेश (35) को भी दबोचा और तमंचों की बटों व डंडों से पीटकर लहूलुहान कर दिया। सर्वेश के साथ सो रहा एक वर्षीय पुत्र विजय बहादुर रोने लगा तो बदमाशों ने उसे जमीन पर पटक दिया और गर्दन मरोड़ दी। लगभग एक घंटे तक तांडव मचाने के बाद डकैतों ने बक्से में रखे दो लाख रुपये व लगभग तीन लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर बटोर लिए और मुख्य दरवाजा खोलकर भाग निकले।
सूचना पर आई पुलिस ने घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां से गृह स्वामी, उसकी पत्नी और बच्चे को कानपुर के हैलट अस्पताल रिफर कर दिया गया। पुलिस खुद उन्हें लेकर कानपुर गई। रविवार को दोपहर कानपुर में मासूम विजय की मौत हो गई।
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी, अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ला, सीओ विनोद सिंह व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सिंह ने मौका मुआयना किया। डीआईजी ने बताया कि डकैतों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगा दी गई हैं। तहरीर मिलने पर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
बहनों को पैसे देकर चुप कराया
तुलसी नगर (बाबा तालाब) मोहल्ले में शनिवार की रात बिजली मैकेनिक भोला के घर पड़ी डकैती में बदमाशों ने घर में किसी को भी शोर मचाने का मौका नहीं दिया। वृद्ध जगना और दंपति पर अपना जोर चलाने के बाद डकैतों ने रो रहे भोला के एक वर्षीय पुत्र विजय को गर्दन मरोड़कर मरणासन्न कर दिया। इस बीच बगल में सो रहीं भोला की चार मासूम पुत्रियां भी जाग गईं। डकैतों ने उन्हें शोर न मचाने के लिए 5-5 रुपये थमा दिए।
भोला के साथ कमरे में उसकी चार पुत्रियां मीनू (11), रेनू (8), खुशी (5) व लक्ष्मी (3) भी सो रही थीं। डकैतों की मारपीट से वह जाग गईं। पहले मीनू और रेनू की आंख खुली। मीनू ने बताया कि डकैतों की पिटाई से मम्मी-पापा का हल्ला सुनकर वह और उसकी बहन रेनू जाग गई।
इस पर एक डकैत ने उन्हें अपनी जेब से 5-5 रुपये निकालकर दिए। धमकाया कि शोर मत मचाना। सहमी बच्चियां खामोश रहीं। मीनू ने बताया कि डकैतों ने उन्हें कमरे के बाहर ले जाकर बकरियों के साथ दीवार के पीछे बैठा दिया। जब मम्मी चिल्लाईं तो वह कमरे की तरफ जाने लगी। इस पर सीढ़ी के पास खड़े एक डकैत ने उसे रोक लिया। बदमाशों के जाने के बाद मीनू व रेनू ने अपने नाना जगना के हाथ-पैर खोलने में मदद की।
चार बहनों में इकलौता था विजय
डकैतों का शिकार हुए भोला के ससुर जगना ने बताया कि वह अपने दामाद के साथ चार माह से रह रहा है। बेलदारी का काम करता है। मकान बनवाने में दामाद पर काफी कर्ज हो गया था। इसे अदा करने के लिए दो लाख रुपये इकट्ठा किए थे। वही रकम डकैतों के हाथ लग गई। भोला के नाम 6 बीघा पलरा गांव में जमीन है। बताया कि डकैतों के हाथों मारा गया एक वर्षीय विजय चार बेटियों के बाद हुआ था।
कोतवाली प्रभारी को डीआईजी की चेतावनी
मंडल मुख्यालय में हुई डकैती में सनसनीखेज वारदात पर डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी काफी खफा हैं। उन्होंने बांदा कोतवाली पुलिस को कड़ी फटकार लगाते हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक आनंद कुमार सिंह से सख्त लहजे में कहा कि एक सप्ताह में घटना का खुलासा हो जाना चाहिए।
डीआईजी ने कालूकुआं चौकी प्रभारी लाल सिंह को भी फटकारा। चेतावनी दी कि इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। डीआईजी ने मीडिया को बताया कि भोला प्रजापति के मकान के नजदीक निर्माणाधीन मकान में लकड़ी की सीढ़ी रखी थी। उसी सीढ़ी का इस्तेमाल कर डकैत भोला के घर दाखिल हुए।
पड़ोसी सपा नेता के सीसी कैमरे निकले खराब
बालू कारोबारी और सपा नेता बच्चन सिंह का मकान भोला प्रजापति के काफी नजदीक है। सपा नेता ने अपनी सुरक्षा के लिए घर के बाहर दो सीसी कैमरे लगवा रखे हैं। यह कैमरे देखकर पुलिस अधिकारियों को आशा जगी कि कैमरों के जरिए डकैतों का क्लू मिलेगा। पुलिस की इस उम्मीद पर पानी फिर गया। चेक किए जाने के पर पता चला कि कैमरे खराब हैं। उनमें कुछ रिकार्ड नहीं हुआ।