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चार लाख के घोटाले में प्राइवेट कंपनी के पांच कर्मी गिरफ्तार

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अतर्रा। रोजगार के नाम पर लोन देने वाली प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों ने ही कंपनी को चूना लगा दिया। लगभग चार लाख रुपये का घोटाला करने पर कंपनी के मुख्य प्रबंधक ने शाखा प्रबंधक समेत पांच कर्मचारियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। चारों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सभी मिर्जापुर के बताए गए हैं।
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कैशपोर माइक्रो क्रेडिट कंपनी का मुख्य कार्यालय चित्रकूट जिले में है। इसका नेटवर्क मंडल के सभी जिलों में है। कंपनी निचले तबके के लोगों को रोजगार के नाम पर लोन देकर उनसे ब्याज समेत वसूली करती है। इसके लिए नौ लोगों की टीम बनी थी।
यहां कंपनी का कार्यालय बदौसा रोड गोपाल नगर में किराए के मकान में करीब छह साल से चल रहा है। शुक्रवार को मुख्य प्रबंधक विनय कुमार मिश्रा (भदोही) ने अपनी कंपनी के शाखा प्रबंधक विनय प्रकाश विश्वकर्मा पुत्र लालचंद्र, केंद्र प्रबंधक जितेंद्र कुमार पुत्र रामकिशुन, बमबम यादव पुत्र लल्लू प्रसाद, मनोज कुमार यादव पुत्र जयनाथ यादव व मनोज कुमार पुत्र कैलाशचंद्र (सभी निवासी मिर्जापुर) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इन पर कंपनी का चार लाख रुपये गबन करने का आरोप है।
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थाना पुलिस ने धारा 406, 419, 420 आईपीसी में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गबन के बाद कंपनी के मुख्य प्रबंधक ने पूरे स्टाफ को हटाकर नए कर्मियों की भर्ती की है। उन्होंने बताया कि आरोपी कर्मचारियों ने लोन स्वीकृत कराने के नाम पर ग्रामीणों से धोखाधड़ी करते हुए चार लाख रुपये का गबन कर लिया। इन कर्मचारियों से यह राशि कंपनी में जमा करने को कहा गया था, लेकिन जमा नहीं किया।
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