एलआईसी बीमा एजेंट पंकज गुप्ता के अपहरण और हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए पांचों अभियुक्तों को सुबूत के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया।
अतर्रा निवासी कुबेर प्रसाद ने बबेरू थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके बेटे पंकज ने 6 अक्तूबर 2008 की शाम फोन पर उसे बताया कि वह बबेरू से अतर्रा आ रहा है, लेकिन फिर नहीं पहुंचा। बाद में फोन स्विचऑफ हो गया। बाद में किसी अज्ञात व्यक्ति ने फोन पर 20 लाख रुपये मांगे।
तीसरे दिन 22 वर्षीय पंकज का शव मरका थाना क्षेत्र के एक खेत में मिला। पुलिस ने अपहरण और हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसमें बुद्धविलास पुत्र चुनुबाद यादव, बालेराम यादव पुत्र सिद्धगोपाल (गोखिया), शिवकुमार पुत्र रामआसरे बढ़ई, साधु सिंह पुत्र गजराज (सिरिया ताला) और राकेश गुप्ता पुत्र जागेश्वर (अतर्रा) को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विवेचना के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अभियोजन ने 9 गवाह पेश किए। शुक्रवार को विशेष न्यायाधीश (डकैती) बृजलाल चौरसिया ने इस मामले का फैसला सुनाते हुए अपहरण और हत्या की धारा में संदेह का लाभ देते हुए पांचों आरोपियों को बरी कर दिया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता शंकर सिंह गौतम और अशोक दीक्षित के संदर्भ में न्यायाधीश ने अपने आदेश में लिखा है कि इन अधिवक्ताओं के तर्क पर्याप्त हैं।