बांदा। खरीद कृषक बहुउद्देशीय विपणन सरकारी समिति के उप महाप्रबंधक अशोक कुमार कुशवाहा ने भुगतान के बाद फर्जी बिल भेजने पर सीजेएम के यहां वाद दायर किया। आरोप है कि मिल मालिकों ने बिल व फर्जी हस्ताक्षर बनाकर एक लाख चार हजार 248 रुपये का बिल बनाकर प्रस्तुत किया है, जो कि पूरी तरह से फर्जी है। उन्होंने कई बार सचेत किया लेकिन वह नहीं माने, इस पर कोर्ट के आदेश पर शहर कोतवाली में मिल मालिक रामप्रताप व रामकरन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
गिरवां थाना क्षेत्र के सहेवा गांव निवासी व उपमहाप्रबंधक खरीद कृषक बहुउद्देशीय विपणन सरकारी समिति आनंद नगर बांदा, अशोक कुशवाहा ने सीजेएम कोर्ट में प्रस्तुत वाद में बताया कि समिति किसानों से धान, गेहूं खरीदकर मिल मालिकों से चावल तैयार कराकर यूपी एग्रो में जमा करते हैं। जिसका भुगतान मिल मालिकों को किया जाता है। कस्बा नरैनी के मिल मालिक रामप्रताप से धान देकर चावल बनवाया जाता है। जिसका भुगतान यूपी एग्रो करता है। मिल मालिक रामप्रताप और रामकरन ने व उनका मुनीम बिल के अनुसार भुगतान प्राप्त कर चुके हैं।
आरोप है कि दोनों ने फर्जी बिल और फर्जी हस्ताक्षर बनाकर नकली मोहर के जरिए से दोबारा भुगतान प्राप्त करना चाहा है। इस पर उन्होंने कई बार उन्हें सचेत किया लेकिन सचेत करने के बावजूद उन्होंने एक लाख चार हजार 248 रुपये की फर्जी रकम का बिल भेजा है। इसका नोटिस भी विभाग उन्हें भेज चुका है।
उन्होंने पुलिस अधीक्षक से रजिस्टर्ड डाक से शिकायत की थी, लेकिन सुनवाई न होने पर उन्होंने न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया है। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली नगर में दोनों मिलर पर धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की गई है। शहर कोतवाल बलराम सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर दो पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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