बांदा। केन-बेतवा लिंक परियोजना के तहत डोढन बांध के निर्माण का विरोध मंगलवार को और भी उग्र हो गया। परियोजना के दायरे में आने वाले एक दर्जन से अधिक गांवों के आदिवासी समुदाय ने अपने पैरोकार, सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर की गिरफ्तारी और बांध निर्माण के खिलाफ सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने बिजावर (छतरपुर) के एसडीएम कार्यालय का घेराव किया और अमित भटनागर की तत्काल रिहाई की मांग की। उन्होंने घोषणा की कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक वे वहां से नहीं हटेंगे। देर शाम तक यह प्रदर्शन जारी रहा, जिसने स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी। परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई आदिवासियों की भूमि और अन्य मांगों को लेकर आदिवासी महिलाएं पिछले बृहस्पतिवार को ही बांध का काम रुकवा चुकी थीं। इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर को सोमवार को स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने उनके बिजावर स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया था। उन्हें शांतिभंग की धारा 18 के तहत चालान कर जेल भेज दिया और तहसीलदार मजिस्ट्रेट ने उनकी जमानत याचिका भी खारिज कर दी।
अमित भटनागर की गिरफ्तारी से आंदोलनकारियों का गुस्सा और भी भड़क उठा। मंगलवार को हजारों आदिवासी और अन्य ग्रामीण बिजावर एसडीएम कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अमित भटनागर की रिहाई और अपनी मांगों को पूरा करने के नारे लगाए। उन्होंने एसडीएम को एक ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन के दौरान महिलाओं ने एसडीएम को संबोधित करते हुए कहा, इन्हें पहन लो, चूड़ियां। एसडीएम दिवाकर ने जैसे ही माहौल देखा वह अपने कार्यालय कक्ष में चले गए। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट कर दिया कि अमित भटनागर की रिहाई के बिना वे पीछे नहीं हटेंगे।
इस विरोध प्रदर्शन के कारण सातवें दिन भी डोढन बांध का निर्माण कार्य ठप रहा। केन-बेतवा लिंक परियोजना, जो एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, इस विरोध के चलते परवान नहीं चढ़ पा रही है। परियोजना के भविष्य पर इस आंदोलन का गंभीर असर पड़ सकता है।