खप्टिहाकलां खदान में पकड़ी गईं पोकलैंड।
- फोटो : अमर उजाला
गोरखपुर की मेसर्स नार्दन एक्सप्रेस-वे पर एक पखवारे के अंदर दूसरी बार अवैध खनन और खनिज अधिनियम की एफआईआर दर्ज हुई है। यह कंपनी खप्टिहकलां में बालू खनन का ठेका/पट्टा लिए हुए है। नई एफआईआर में खदान में अवैध रूप से पोकलैंड चलाई जाते रंगे हाथ पकड़े जाने पर हुई है। कंपनी के संचालक सहित पोकलैंड के दो चालक और दो अज्ञात के विरुद्ध पैलानी थाने में खनिज अधिकारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। मशीनें भी जब्त कर ली गई हैं।
मेसर्स नार्दन एक्सप्रेस-वे लिमिटेड को खनिज विभाग ने बांदा में पैलानी तहसील के खप्टिहाकलां में गाटा संख्या-356 में 10 एकड़ का खनन परमिट दे रखा है। परमिट की अवधि 26 जनवरी 2018 तक है। खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह द्वारा पैलानी थाने में सोमवार को एफआईआर दर्ज कराई गई है। तहरीर के मुताबिक पैलानी तहसीलदार, नायब तहसीलदार, थानाध्यक्ष और खप्टिहाकलां चौकी इंचार्ज ने 25 दिसंबर को तड़के करीब एक बजे खप्टिहकलां खदान में छापा मारा। वहां दो पोकलैंड चलती पाईं गईं। इन्हें सीज कर खप्टिहकलां चौकी पुलिस के सुपुर्द किया गया। एफआईआर में कहा गया है कि कंपनी को स्वीकृत पट्टे में यह शर्त थी कि मजदूरों से खनन कराया जाएगा लेकिन कंपनी ने खनन की शर्तों और खनिज नियमावली व खनिज अधिनियम का उल्लंघन किया है।
खनिज अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने कंपनी के प्रोप्राइटर गोरखपुर निवासी नीतेश्वर त्रिपाठी और पोकलैंड चालक उन्नाव निवासी शिवम तिवारी और हमीरपुर निवासी शिवपूजन तथा दो अज्ञात के विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास का विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 4 व 21 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। गौरतलब है कि मेसर्स नार्दन एक्सप्रेस-वे के विरुद्ध इसी माह 11 दिसंबर को भी खनिज अधिकारी ने अवैध खनन की पैलानी थाने में एफआईआर उपरोक्त धाराओं के तहत भी दर्ज कराई गई थी।