मंडी परिषद में शहर के निकटवर्ती करीब दो दर्जन से ज्यादा गांव के किसानों को यूरिया खाद की सख्त जरूरत है। बिना यूरिया खेतों में खड़ी गेहूं की फसल पीली पड़ रही है।
साधन सहकारी समितियों तथा खाद बिक्री केंद्रों पर खाद का स्टाक खत्म होने से ताले लटके हैं। किसान यूरिया के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीण इलाकों में कई जगह किसानों ने खाद के लिए हंगामा काटा।
मंडी समिति में पीसीएफ, यूपी एग्रो और डीसीडीएफ के खाद बिक्री केंद्र हैं। 100 मीट्रिक टन खाद बांटने के बाद यहां ताले पड़े हैं। कृषि विभाग, पीसीएफ और कोआपरेटिव विभाग के अफसर ठंड में छुट्टियों का लुत्फ उठा रहे हैं।
उधर, मरका प्रतिनिधि के मुताबिक करहुली समिति में त्योहार के दिन भी किसानों का मजमा लगा रहा। समगरा, मरका, करहुली, पिंडारन, गुजेनी, कुमेढ़ा, अरमार समेत कई गांवों के करीब 300 किसान लाइन में लगे रहे। 500 बोरी खाद के स्टाक में वितरण शुरू हुआ तो किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया।
तहसीलदार लालाराम व मरका थानाध्यक्ष, नायब तहसीलदार दिलीप कुमार, सचिव रामभवन ने किसानों को समझा-बुझाकर शांत कराया। एक पर्ची में दो-दो बोरी खाद बांटी गई।
उधर, तिंदवारी, चिल्ला, पैलानी, महुआ और अतर्रा में भी खाद के लिए किसान भटकते रहे। उधर, जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने बताया कि खाद की रैक जल्द आ रही है। किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी।