फोटो - 05 ग्राम पंचायत नहरी के मजरा महारानी में ढक कर रखी गई गेहूं की फसल। संवाद
करतल/पैलानी। नरैनी और पैलानी तहसीलों में बेमौसम बारिश, गरज-चमक ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है, जिससे वे अपनी पकी हुई फसलों को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आज सुबह भी हल्की बारिश और गरज-चमक हुई, जिससे ओलावृष्टि की आशंका से किसान परेशान हैं। वहीं शुक्रवार की भोर जिलेभर में बूंदाबांदी के साथ सुबह नौ बजे तक बादल छाए रहे।
नरैनी तहसील की 24 ग्राम पंचायतों और 14 मजरों में किसान अपनी गेहूं, अरहर, चना और सरसों जैसी फसलों को खेतों में ही पन्नी-तिरपाल से ढक रहे हैं। कई किसानों ने बताया कि वे पन्नी का खर्च भी नहीं उठा पा रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। नकली बीज के कारण भी किसानों को कम पैदावार की समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जिससे फसलें मानक से बहुत कम निकल रही हैं। बटाईदार किसानों के लिए फसल बचाने का अतिरिक्त खर्च और अन्ना प्रथा जैसी आपदाएं परिवार का पालन-पोषण मुश्किल बना रही हैं। पैलानी में भी किसान अपनी चना, मसूर, सरसों और गेहूं की फसलों की कटाई में तेजी से जुटे हैं, ताकि दोबारा मौसम खराब होने से बची हुई फसलें चौपट न हों।
फोटो - 05 ग्राम पंचायत नहरी के मजरा महारानी में ढक कर रखी गई गेहूं की फसल। संवाद