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किसानों ने बांट लीं अन्ना गायें

Fri, 10 Feb 2017 11:43 PM IST
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
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बांदा के गोखरही गांव में अन्ना गायों को बांधकर चारा खिलाते किसान रामजी अवस्थी। - फोटो : amarujala
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 पिछली फसलें सूखे में गवां चुके किसानों ने बारिश के बाद तैयार की रबी की फसल अन्ना पशुओं से बचाने के लिए शासन और प्रशासन का आसरा छोड़कर खुद निपटने की जुगत शुरू कर दी है। इसकी बानगी जनपद के गोखरही गांव में नजर आ रही है। बड़ी संख्या में गांव में विचरण कर रहे अन्ना पशुओं को किसानों ने आपस में बांटकर उन्हें खूंटे से बांध दिया है और उनके चारे-भूसे की खुद व्यवस्था कर रहे हैं।
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अन्ना पशुओं से पूरा बुंदेलखंड त्रस्त है। सरकारी और एनजीओ की गौशालाएं सिर्फ कागजी साबित हो रही हैं। अबकी मौजूदा रबी की फसल काफी बेहतर है। खेत हरे-भरे नजर आ रहे हैं। इन्हें अन्ना पशुओं से बचाना किसानों के लिए बड़ी चुनौती है। मंडल मुख्यालय से महज 18 किलोमीटर दूर तिंदवारी विधान सभा क्षेत्र के गोखरही गांव में किसानों ने लगभग 7200 बीघा में फसल तैयार की है। गांव में 66 अन्ना गायें हैं।

फसल को इनसे बचाने के लिए किसानों ने यह तरकीब निकाली है कि इन सभी अन्ना गायों का आपस में बांट लिया है। हरेक किसान ने दो से चार गाय अपने जिम्मे ले ली हैं। उन्हें बांधकर चारा-भूसा दे रहे हैं। गायों की पहचान के लिए उनके सींगों को विभिन्न रंगों से रंगा गया है। किस किसान को किस रंग की सींगों वाली गायें दी गईं हैं उनकी सूची बनाई गई है।
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किसानों ने तय किया है कि जिसकी भी गाय छूटकर खेत में घुसेगी उस किसान को पहली मर्तबा चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद दोबारा चूक हुई और गाय खेत में गई तो संबंधित किसान से 501 रुपये जुर्माना लिया जाएगा। तीसरी बार गाय खेत में पकड़े जाने पर जिम्मेदार किसान की थाने में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। गांव में यह व्यवस्था लागू हो गई है। किसान अन्ना गायों से राहत महसूस कर रहे हैं।

आईपीएस अधिकारी और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस महानिरीक्षक राजाबाबू सिंह ने कहा है कि बुंदेलखंड में अन्ना गायों की व्यवस्था के लिए युवाओं को ट्रेनिंग देने के वास्ते मई माह में बुंदेलखंड के 21 युवाओं को महाराष्ट्र में पांजरा पोल गौशाला भेजा जाएगा। यहां वह एक सप्ताह प्रशिक्षण लेंगे। दूसरा जत्था जुलाई माह में जालंधर जाएगा। वहां अखंड दिव्य ज्योति संस्थान की कामधेनू गौशाला में गायों के बारे में प्रशिक्षण लेगा। बाद में यह प्रशिक्षित युवक बुंदेलखंड में उसी तर्ज पर गौशालाएं स्थापित करेंगे। श्री सिंह ने कहा कि अन्ना प्रथा बुंदेलखंड के लिए अभिशाप है।
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