बुंदेलखंड जैविक कृषि फार्म, छनेहरा लालपुर में खेत में बनाए गए तालाब में संचित किया बारिश का पानी।
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बांदा। बुंदेलखंड में वर्षा जल संचयन किसानों के लिए बेहद जरूरी है। यह उनके अच्छे दिन भी ला सकता है। बारिश का मौसम दहलीज पर खड़ा है। ऐसे में किसानों को खेतों मेें मेड़ और तालाब बनाकर बारिश के पानी को संचय करने की कवायदें शुरू कर देनी चाहिए।
यह बात बुंदेलखंड जैविक कृषि फार्म (छनेहरा लालपुर) के संचालक और प्रगतिशील किसान असलम खां ने कही। उन्होंने कहा कि खेत में मेड़ या तालाब न होने से बारिश का पानी खेत की उपजाऊ मिट्टी को बहाकर ले जाता है। पानी मिट्टी दोनों बर्बाद चले जाते है। अगर मेड़बंदी और तालाब बना लिए जाएं तो खेत का पानी खेत में ही रहेगा।
उपजाऊ मिट्टी बहने से बचेगी। इसके अलावा भूजल स्तर में सुधार होगा। खेत के तालाब में मछली, झींका पालन, मोती उत्पादन, सिंघाड़ा, मखाना आदि कृषि कार्य किए जा सकेंगे।
प्रगतिशील किसान ने किसानों से कहा है कि रेन वाटर हार्वेस्टिंग और खेत में मेड़बंदी व तालाब पर गंभीरता से ध्यान दें। इस बारे में कोई राय लेनी हो तो शाम 7 से 10 बजे के बीच उनके मोबाइल फोन 8085786148 पर संपर्क किया जा सकता है।