राहत राशि के चेक वितरण में हो रही अनियमितताओं पर अब किसानों का धैर्य टूटने लगा है। पैलानी क्षेत्र के एक गांव में किसानों को चेक बांटने पहुंचीं मंडलायुक्त और डीएम को उनका विरोध झेलना पड़ा। किसानों ने आरोप लगाया कि सर्वे में जमकर धांधली की गई है।
लेखपाल ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है। मंडलायुक्त और डीएम ने उन्हें समझाकर शांत किया। कहा कि जिन्हें चेक नहीं मिले हैं, उनके घर पहुंचा दिए जाएंगे। कमिश्नर और डीएम ने सोमवार को पैलानी क्षेत्र के 1057 किसानों को 40,47,467 रुपये के चेक बांटे।
तय कार्यक्रम के मुताबिक मंडलायुक्त कल्पना अवस्थी और डीएम सुरेश कुमार को सोमवार को पैलानी तहसील के कई गांवों में कैंप लगाकर राहत राशि के चेकों का वितरण करना था। कुछ गांवों में वितरण कार्यक्रम निपटाने के बाद दोनों अफसर दोपहर को अतरहट गांव पहुंचे।
चेक वितरण के दौरान करीब आधा सैकड़ा किसानों ने प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। किसान राममोहन सिंह, गेंदा सिंह, श्रवण कुमार, शिवस्वरूप दीक्षित, गिरजा देवी, पान कुमारी, लालबाबू सिंह, अनिल सिंह, बुद्धराज आदि ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने किसानों की सूची बनाने मेें पक्षपात किया है।
सूची घर बैठे तैयार की गई है। काफी देर चले हंगामे के बाद आयुक्त और डीएम ने उन्हें भरोसा दिलाया कि जो भी किसान इस सूची में छूट गए हैं, उन्हें बाद में चेक उनके घर पहुंचाए जाएंगे। कोई भी पीड़ित किसान राहत राशि से महरूम नहीं रहेगा।
अतरहट गांव में ग्राम प्रधान श्रीराम यादव की मौजूदगी में 464 किसानों को 16,45,605 रुपये के चेक बांटे गए। गुगौली गांव में 285 काश्तकारों को 12,43,998, पलरा गांव में 308 किसानों को 11,58,044 रुपये बांटे गए। इस अवसर पर एडीएम डीएस पांडेय, एसडीएम मनोज कुमार सिंह, पीडी भगतवती प्रसाद, बीडीओ ओपी शुक्ला आदि उपस्थित रहे।