फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तकनीकी गलतियों पर ऋणमाफी से वंचित न हों किसान

Thu, 14 Jun 2018 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
विज्ञापन
संबोधित करते कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने अधिकारियों को खबरदार किया है कि ऋण मोचन योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को तकनीकी गलतियों के आधार पर ऋणमाफी योजना से वंचित न किया जाए। उन्होंने कहा कि 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादन बढ़ाने के ठोस प्रयास हों। किसानों को उन्नति बीज और केसीसी की सुविधा दी जाए। 

विज्ञापन


गुरुवार को यहां सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारी बीज वितरण का लक्ष्य निर्धारित करें। 21 से 23 जून तक किसान पाठशाला आयोजित हो। पाठशालाओं में कृषि विभाग के अधिकारी गांवों में जाकर किसानों को उन्नति कृषि की जानकारी दें। मंत्री ने खेतों में मृदा परीक्षण पर भी जोर दिया। डीएम को निर्देश दिया कि मंडी समिति बांदा में किसानों को गेहूं बेचने में आ रही समस्याओं का समाधान कराएं।

अतर्रा में दलहन केंद्रों को सक्रिय रूप से संचालन कराएं। खेत-तालाब योजना में लाभार्थियों को शीघ्र अनुदान दिया जाए। डीएम डीपी गिरि ने बताया कि जनपद में ऋण मोचन योजना के तहत अब तक 56,263 किसानों का ऋण माफ हो चुका है। बैठक में मानिकपुर विधायक आरके पटेल, सीडीओ हीरालाल, अपर पशु पालन निदेशक एके सिंह, जेडीए वीके सिंह, कृषि अधिकारी बालगोविंद यादव, सूचना उप निदेशक भूपेंद्र सिंह, उद्यान अधिकारी परवेज खां आदि शामिल रहे।
विज्ञापन



कृषि विश्वविद्यालय में तीन लोकार्पण
बांदा। प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने गुरुवार को यहां कृषि विश्वविद्यालय में मौसम वेधशाला, बीज संयंत्र और छात्रावास संख्या-3 का लोकार्पण किया। यहां आयोजित गोष्ठी में मंत्री ने कृषि विद्यालय की सराहना करते हुए कुलपति डा.एसएल गोस्वामी और निदेशक प्रसार डा.एनके वाजपेयी को सराहा। उम्मीद जताई कि भविष्य में यह उत्कृष्ट विद्यालय साबित होगा। सांसद भैरो प्रसाद मिश्र ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से विश्वविद्यालय लगातार प्रगति कर रहा है।

यह बुंदेलखंड के लिए वरदान है। भारतीय दलहन अनुसंधान संस्थान निदेशक एमपी सिंह ने कहा कि अब यहां बीज विधायक संयंत्र चालू हो जाने से उत्पादित बीज और उसका प्रमाणिकरण करके उच्च गुणवत्ता वाली किस्में किसानों को उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे उनकी पैदावार में वृद्धि होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति डा.एसएल गोस्वामी ने विश्वविद्यालय की तीन वर्षों की प्रगति प्रस्तुत की। मंत्री कृषि विश्वविद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें