ओला-बारिश ने फसलों के साथ राजनैतिक दलों की बीच खड़ी दीवारें भी गिरा दी हैं। किसानों की पैरवी में कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक बेहिचक बसपा नेताओं के साथ बैठ गए।
बुधवार को कलेक्टेट में डीएम कार्यालय के बाहर बसपा और कांग्रेस के मिलन का दिलचस्प नजारा देखने को किसानों के साथ और भी लोग शरीक हुए। दरअसल बसपा नेताओं को जत्था राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन देने कलेक्ट्रेट आया था।
इसमें ओलावृष्टि और वर्षा से खेती को पहुंचे नुकसान की तरफ राज्यपाल का ध्यान आकृर्ष्ट कराते हुए 75 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से मुआवजा, कर्जमाफी आदि की मांगे की गई हैं। बसपा नेताओं का कलेक्ट्रेट में धरना चल ही रहा था तभी कांग्रेस विधायक दलजीत सिंह अपने निर्वाचन क्षेत्र पैलानी के किसानों के साथ कलेक्ट्रेट आ गए।
बसपा नेताओं और अपने साथ आए किसानों की मांगें एक जैसी देखकर वह भी धरने पर बैठ गए। कहा कि किसानों के हक में वह दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सब कुछ करने को तैयार हैं। बसपा नेताओं ने भी उन्हें हाथोंहाथ लिया। बाद में विधायक ने किसानों के साथ सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया। उन्होंने बताया कि पैलानी में 90 फीसदी फसल चौपट हो गई है।
बसपा नेताओं के जत्थे में जिलाध्यक्ष प्रदीप वर्मा, कोआर्डिनेटर बीएम कुशवाहा, जयराम सिंह, मोहम्मद इदरीस, बल्देव प्रसाद, लल्लू प्रसाद निषाद, मधुसूदन कुशवाहा, प्रमोद कुमार कुशवाहा, दिनेश कुमार डीके, माता प्रसाद यादव, ज्ञानचंद्र प्रजापति, अब्दुल मजीद, हरीराम कबीर वेदी, हुसैन खां, जहूर अहमद, रमजान मंसूरी, नवरतन कुशवाहा आदि शामिल रहे।