पिछले दो दिनों में पूरे जनपद में ओलावृष्टि और बारिश से चौपट हुई करोड़ों रुपये की फसल की तबाही से किसानों में हाय-तौबा के हालात हैं। परेशान किसानों और राजनीतिक दलों आदि ने भरपाई के लिए मुआवजे की मांग शुरू कर दी है।
मंगलवार को तहसील दिवस से लेकर अफसरों के दफ्तरों तक यही मांग गूंजती रही। किसी ने ज्ञापन दिया तो किसी ने प्रदर्शन किया। सपा जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी ने डीएम से मिलकर अनुरोध किया कि एसडीएम और तहसीलदारों के जरिए टीम बनवाकर गांव-गांव सर्वे कराएं और नुकसान की रिपोर्ट शासन को भिजवाएं।
उन्होंने कहा कि वह खुद भी मुख्यमंत्री से मिलकर ज्यादा से ज्यादा मदद की मांग करेंगे। डीएम से मिलते समय सपा नेता राजेंद्र यादव, वृंदावन वैश्य, लालेंद्र धुरिया, अमित सेठ, अशोक सिंह गौर, शैलेंद्र यादव आदि शामिल रहे। सपा नेता प्रमोद कुमार निषाद ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर किसानों को मुआवजे और कर्जमाफी की मांग की है।
भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधि मंडल ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन तहसील दिवस में अफसरों को सौंपा। इसमें मांग की गई कि प्रति बीघा 20 हजार रुपये का मुआवजा दिया जाए। निजी नलकूपों के बिजली बिल पूरे माफ हों। सांसदों और विधायकों की निधि से नलकूप लगवाए जाएं।
यूनियन ने चेतावनी दी कि इस पर तवज्जो न दी तो किसान अवसाद ग्रस्त होकर आत्महत्या या उग्र आंदोलन कर सकते हैं। ज्ञापन देने वालों में बलराम तिवारी, प्रदेश सचिव मनरूप सिंह परिहार, बनवारीलाल, अमर मणि त्रिपाठी, मायाराम त्रिपाठी, चंद्रभूषण आदि शामिल रहे।
भारत किसान सेना राष्ट्रीय अध्यक्ष रमाकांम मिश्रा ने डीएम को पत्र देकर तत्काल सर्वे और 20 हजार रुपये प्रति बीघा मुआवजा किसानों के कर्ज की माफी खाद्यान्न की व्यवस्था आदि की मांग की। चेतावनी दी कि दो सप्ताह के अंदर यह मांगे पूरी न हुई तो किसान भवन, अमारा गांव में दो दिवसीय उपवास करेंगे। इसके बाद जनांदोलन होगा।
तहसील दिवस में पैलानी के किसानों ने सामूहिक हस्ताक्षरों से मुआवजे की गुहार लगाई। उनके साथ शामिल भाजपा नेता बलराम सिंह कछवाह ने कहा कि मदद नहीं मिली तो किसानों के साथ आंदोलन किया जाएगा। मनोज सिंह, बनवारीलाल, रणजीत सिंह, राज नारायण तिवारी, अरविंद यादव, श्यामबाबू, राममिलन सिंह आदि किसान शामिल रहे।
पपरेंदा गांव के किसानों ने भी सामूहिक हस्ताक्षरों से मुआवजा मांगते हुए कहा कि वरना वह भुखमरी के शिकार हो जाएंगे। रंजीत सिंह, सूरजपाल सिंह, अनुज सिंह, चुन्नू कुशवाहा, फुल्लू, रामकिशोर साहू, हरिशंकर त्रिवेदी, अरविंद यादव आदि किसान शामिल रहे।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मीडिया प्रभारी विमल कृष्ण श्रीवास्तव ने बताया कि पार्टी की बैठक में ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को मुआवजे और वसूलियां रोकने व कर्जमाफ करने की मांग की गई।
बैठक में मदनमोहन शर्मा, नाथूराम लोधी, डॉ.केवल, डॉ.रामचंद्र सरस, अच्छे अली, जगमोहन पेंटर, रीना कन्नौजिया, शफात अली, देवी दयाल गुप्त, नाथूराम, दिनेश, विद्यानंद शुक्ल आदि शामिल रहे।
कमासिन प्रतिनिधि के अनुसार, ओला-बारिश से रबी फसल बर्बाद हो गईं। अरहर, मसूर, चना फसल भी नहीं बची। सांडासानी के किसान नंदलाल सिंह, राममनोहर यादव, फूलचंद्र यादव, राजनारायण रुपौलिहा, मनोज मिश्र आदि ने बताया कि फसलें तबाह होने से किसान भुखमरी की कगार पर पहुंच गए।
कर्ज अदा न कर पाने से ब्याज का बोझ बढ़ेगा। आत्महत्याएं होंगी। किसानों ने शासन-प्रशासन से शीघ्र मुआवजा देने की मांग की।
अधिकारी सर्वे में जुटे, आज दोपहर तक देंगे रिपोर्ट
बांदा। ओला और बारिश से फसलों की बर्बादी का सर्वे करने के लिए मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद प्रशासन और कृषि विभाग दोनों ही सक्रिय हुए हैं। जिलाधिकारी सुरेश कुमार ने सभी उप जिलाधिकारियों और तहसीलदारों को तत्काल सर्वे करके नुकसान की आंकलन रिपोर्ट तलब की है।
उधर, कृषि विभाग ने रेंडम सर्वे के लिए विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को जुटाया है। संयुक्त कृषि निदेशक डॉ.पंकज त्रिपाठी ने जिला कृषि अधिकारी, जिला विकास अधिकारी और भूमि संरक्षण अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि हरेक ब्लाक के पांच-पांच गांवों को रेंडम सर्वे करके नुकसान का आंकलन करें और तत्काल रिपोर्ट दें।
साथ ही कृषि विभाग के सभी कर्मचारियों को भी फसलों के नुकसान का सर्वे करने के आदेश दिए हैं। संयुक्त कृषि निदेशक ने इन अधिकारियों और कर्मचारियों से 4 मार्च दोपहर तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।