सिंचाई के लिए बिजली तथा नहरों पर निर्भरता खत्म करने के लिए किसानों को सब्सिडी पर सोलर पंप मुहैया कराने की योजना फिलहाल जिले में परवान नहीं चढ़ सकी। सीमित लक्ष्य के बावजूद किसानों की संख्या पूरी नहीं हो सकी। 6 माह पहले अंशदान जमा करने के बावजूद कंपनी ने अभी तक पंप नहीं लगाए।
किसान कृषि व नेडा (नेशनल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी) कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। जिले में 50 किसानों को सोलर पंप देने का लक्ष्य तय किया गया है। इसमें 2 एचपी के 38 पंप हैं, लेकिन ये बुंदेलखंड की धरती पर सफल नहीं है। 3 व 5 एचपी के लिए महज 10 किसानों ने आवेदन किए हैं।
बुंदेलखंड में किसानों के सामने सबसे बड़ी समस्या सिंचाई है। कभी नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता तो कभी बिजली न आने से ट्यूबवेल नहीं चल पा रहे। परंपरागत फसल लेने से किसान निरंतर घाटे में जा रहे हैं। बिजली और नहरों पर निर्भरता खत्म करने के लिए सरकार ने किसानों को सब्सिडी पर 2 से लेकर 5 हार्स पावर तक के सोलर पंप देने का निर्णय लिया है।
योजना में 50 किसानों को सोलर पंप देने का लक्ष्य है, इनमें दो एचपी के 38, तीन के दस और पांच एचपी के दो हैं। दो एचपी के पंप बुंदेलखंड की धरती पर सफल नहीं हैं। इसके बाद पांच एचपी सोलर पंप के लिए दो के सापेक्ष सिर्फ एक आवेदन आया।
3 एचपी में 10 के सापेक्ष 9 किसानों ने आवेदन किया। इन किसानों ने कृषि विभाग में अपना अंशदान भी जमा कर दिया, लेकिन छह माह का समय गुजर गया किसानों को अभी तक सोलर पंप नहीं मिले। पंप लगाने का अनुबंध करने वाली कंपनी की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है।
डीएम ने इस बाबत शासन को पत्र भेजा है। उधर, किसानों के उत्साह को देखते हुए कृषि विभाग ने सोलर पंप का नए वित्तीय वर्ष में टारगेट बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखा है। इस वर्ष 3 एचपी के 50 और 5 एचपी के 5 सोलर पंपों का लक्ष्य निर्धारित करने की योजना है।
कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है। सोलर पंप लगाने के लिए किसान को केवल एक बार सब्सिडी देनी होगी। इसके बाद उसे कई सालों तक मुफ्त में सिंचाई करने की सुविधा मिलेगी।
खास बात यह है कि पांच साल तक किसानों को मेंटीनेंस पर भी एक भी रुपया नहीं खर्च करना है। कोई खराबी आने पर किसान सीधे मोबाइल नंबर पर कंपनी से संपर्क कर सकते हैं। दो दिन के अंदर कंपनी का प्रतिनिधि मरम्मत के लिए पहुंचेगा। योजना के तहत बोरिंग किसानों को करानी होगी।
सोलर पंप की फिटिंग डेढ़ माह के भीतर कंपनी कराएगी। सरकार ने 2 और 5 हार्स पावर के सोलर पंप लगाने का अनुबंध प्रीमियम सोलर सिस्टम और 3 एचपी के पंप लगाने का अनुबंध जैन इरीगेशन जलगांव के साथ किया है।
किसानों के लिए जानकारी
2 एचपी का मोनोब्लाक पंप 25 फीट नीचे तक से पानी खींच सकता है। यह पंप 2.50 इंच तक पानी निकालेगा। कृषि विभाग के मुताबिक जिले में यह पंप कम सफल है।
3 एचपी का सबमर्सिबल पंप 200 फीट नीचे तक से पानी खींचने की क्षमता रखता है। ये 2.50 इंच पानी निकालेगा। यह पंप जसपुरा, तिंदवारी, बबबेरू, कमासिन क्षेत्र के किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है।
5 एचपी का सबमर्सिबल यह 200 फीट तक नीचे से पानी खींच सकेगा। यह 3.00 इंच तक पानी निकालने में सक्षम है। यह मटौंध, बड़ोखर व महुआ क्षेत्र के किसानों के लिए कारगार साबित होगा।