गुरेह गांव में बिजली संकट के विरोध में मुख्य सड़क पर जाम लगाए ग्रामीण।
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बिजली आपूर्ति ठप होने से धान की सूख रही फसल पर किसानों का गुस्सा सड़कों पर आ गया। हाइवे पर अवरोध लगाकर जाम लगा दिया। तमाम यात्री वाहन घंटों फंसे रहे। बिजली और पुलिस अधिकारियों ने शीघ्र ही आपूर्ति बहाल करने का भरोसा दिलाकर लगभग एक घंटे बाद जाम खत्म कराया।
बड़ोखर ब्लाक के गुरेह गांव में सोमवार को किसान भड़क उठे। बांदा-सिंहपुर मार्ग पर पेड़ की झाडिय़ां डालकर जाम लगा दिया। बिजली विभाग के विरुद्ध नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना था कि लगभग एक माह से बिजली आपूर्ति बुरी तरह बाधित है। रात में बार-बार ट्रिपिंग से नलकूप नहीं चल पा रहे। कोई फाल्ट न होने पर भी आपूर्ति बंद रहती है। नलकूप न चलने से धान की फसल सूख रही है। गर्मी और मच्छर नींद उड़ाए हुए हैं। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
जाम सुबह लगभग साढ़े 9 बजे शुरू हुआ। कई यात्री बसें, टेंपो व अन्य वाहन फंसे रहे। लगभग एक घंटे बाद बिजली विभाग के उपखंड अधिकारी और कोतवाली नगर पुलिस ने पहुंचकर किसानों को बिजली आपूर्ति दुरुस्त कराने का भरोसा दिलाया। इसी के बाद जाम खत्म हुआ। किसान बिंदु कुमार ने बताया कि आपूर्ति दुरुस्त नहीं हुई तो पुन: आंदोलन किया जाएगा।