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पत्नी का क्रियाकर्म भी कर्ज लेकर करेगा किसान

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पत्नी की मौत के बाद परिजनों के साथ बैठा शोकग्रस्त खेतिहर मजदूर किसान रामजस। - फोटो : BANDA
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अतर्रा। लगभग 90 हजार रुपये का कर्जदार खेतिहर मजदूर किसान रामजस वर्मा पत्नी की आत्महत्या के बाद एक और कर्ज के बोझ में दब गया। अंतिम संस्कार से लेकर तेरहवीं के क्रियाकर्म कर्ज से ही करने पड़ रहे हैं।
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तहसील क्षेत्र के आऊ गांव (शिव बाबा पुरवा) में 10 बीघा बटाई पर लेकर खेती करके गुजारा कर रहे रामजस की पत्नी मुन्नी (45) ने शनिवार को घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। घटना वाले दिन वह पति के साथ खेत में थी। शुक्रवार को हुई बारिश और ओलावृष्टि से खेत में खड़ी गेहूं, सरसों की फसल को काफी नुकसान पहुंचा था। यह देख मुन्नी परेशान हो उठी। पति पर पहले से ही करीब 90 हजार का कर्ज था। इसी तनाव और सदमे में उसने फांसी लगा ली।
मुन्नी खेती में पति के साथ हाथ बंटाती थी। जीवन संगिनी खो देने के बाद रामजस गमजदा है। रविवार को अंतिम संस्कार के बाद सोमवार को घर में परिजनों के साथ बैठ शोकग्रस्त रामजस ने कहा कि फसल अच्छी हो रही थी। कर्ज का एक बड़ा हिस्सा अदा हो जाता। यह मंसूबा तो बारिश के साथ मिट्टी में मिल ही गया, अब पत्नी के अंतिम संस्कार संबंधी क्रियाकर्म भी कर्ज से ही करना मजबूरी है।
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कहा कि मेहनत मजदूरी करके साहूकारों का कर्ज अदा करने की कोशिश करेगा। रामजस के भाई शिवपूजन ने बताया कि इससे पहले धान की फसल अन्ना मवेशियों ने सफाचट कर दी थी। उधर, लेखपाल ने गांव और खेत आकर मौका मुआयना किया। भरोसा दिलाया कि रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजेगा।
नियमानुसार मदद दिलाने की कोशिश करेगा। उधर, एसडीएम सौरभ शुक्ला ने किसान की पत्नी की आत्महत्या की वजह फसल का सदमा होने की बात को सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि फसलों को जो नुकसान हुआ है, सर्वे कराकर सभी किसानों को उचित मुआवजा दिलाया जाएगा।
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