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परसौड़ा गांव में दौड़ा हाईवोल्टेज करंट, किसान की मौत

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बालेंद्र मिश्रा की फाइल फोटो - फोटो : BANDA
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तिंदवारी (बांदा)। थाना क्षेत्र के परसौड़ा गांव में हाईटेंशन लाइन टूटकर लो-टेंशन लाइन पर गिरने से पूरे गांव में हाई वोल्टेज करंट आ गया। पंखा बंद कर रहे 45 वर्षीय किसान की करंट की चपेट मेें आने से मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें पीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर, झूलते बिजली के तारों और गार्डिंग में अनदेखी से ग्रामीण आक्रोशित हैं। इस घटना के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।
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हादसा सदर तहसील क्षेत्र के तिंदवारी सब स्टेशन अंतर्गत परसौड़ा गांव में शुक्रवार की रात करीब डेढ़ बजे हुआ। सब स्टेशन से परसौड़ा गांव आई 11 हजार की हाईटेंशन लाइन तेज धमाके के साथ टूटकर गांव की 440 वोल्ट लो-टेंशन लाइन पर आ गिरी। स्पार्किंग से पूरे गांव में हाईवोल्टेज करंट आ गया।
घरों के बिजली उपकरण एक-एक कर फुंकने लगे। पंखा फुंकने से बचाने के लिए स्विच बंद करते समय बालेंद्र कुमार मिश्रा उर्फ कल्लू (45) पुत्र चंद्रभान मिश्रा करंट की चपेट में आ गए। गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाए। यहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, गांव के ही देवकुमार (35) पुत्र शिवकुमार और शिवकुमारी (40) पत्नी बच्चू यादव भी करंट से झुलस गई। दोनों को पीएचसी से जिला अस्पताल भेज दिया गया। बालेंद्र के शव का पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है। बालेंद्र पेशे से किसान थे। पुत्र रत्नेश मिश्रा ने बताया कि पिता के नाम 10 बीघा जमीन है।
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उधर, सब स्टेशन और अवर अभियंता का फोन रिसीव न होने से ग्रामीण बिजली आपूर्ति बंद कराने के लिए परेशान रहे। करंट से लगभग डेढ़ घंटे तक गांव में दहशत रही। तमाम लोग घरों से बाहर निकल आए।
ग्रामीणों के मुताबिक 50 से ज्यादा घरों के बिजली उपकरण फुंक गए। ग्राम प्रधान रामकरन यादव सहित ग्रामीणों ने नाराजगी जताई कि एसडीओ को फोन करने के आधे घंटे बाद सप्लाई बंद हुई। उधर, एसडीओ केके कमल का कहना है कि बैठक से वापस आने के बाद जांच व कार्रवाई की जाएगी। जेई व एसएसओ से जवाब तलब किया जाएगा। मृतक के परिजनों को नियमानुसार मदद दिलाई जाएगी।
40 साल से नहीं हुई तारों की मरम्मत
तिंदवारी। सब स्टेशन उप खंड अधिकारी केके कमल ने बताया कि करीब दो बजे फोन पर उन्हें घटना की जानकारी मिली थी। तुरंत एसएसओ और अवर अभियंता को आपूर्ति बंद कराने के लिए फोन किया, लेकिन दोनों ने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद बांदा 132 सब स्टेशन से आपूर्ति बंद कराई गई। सब स्टेशन से लगभग 50 गांव जुड़े हैं।
उन्होंने स्वीकारा कि 40 साल से गांवों में बिजली लाइनों की मरम्मत नहीं हुई है। एस्टीमेट बनाकर भेजा गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। फीडर भी पुराने हैं और मरम्मत करके काम चलाया जा रहा है। मशीनें बदलने के लिए अधिकारियों को पत्र भेजा है। उधर, ग्राम प्रधान रामकरन यादव ने बताया कि दो ट्रांसफार्मर में एक चार माह पूर्व फुंक गया था। आज तक नहीं बना। एक ही ट्रांसफार्मर से पूरे गांव में आपूर्ति हो रही है। कई बार पावर कार्पोरेशन अधिकारियों से अनुरोध किया, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली।
बिजली के तार टूटने से पांच दिन में चार मौतें
बांदा। पिछले पांच दिनों से हाईटेंशन लाइनें कहर बनकर टूट रही हैं। पिता-पुत्र समेत चार की करंट से मौत हो चुकी है, लेकिन पावर कार्पोरेशन अधिकारियों की नींद नहीं टूट रही। हादसों के बाद भी पुरानी व जर्जर लाइनों की मरम्मत की सुध नहीं ली जा रही। गौरतलब है कि 18 जून (मंगलवार) को टूटी पड़ी हाईटेंशन लाइन के स्पर्श में आ जाने से मंदिर जा रहे कमासिन गांव निवासी कल्लू श्रीवास (70) की मौत हो गई।
इसी दिन नरैनी तहसील के पचोखर गांव में हाईटेंशन लाइन गिरने से चार गायों की मौत हो गई थी। 19 जून (बुधवार) की रात गिरवां थाना क्षेत्र के बंडे गांव में हाईटेंशन लाइन टूटकर गिरने से चारपाई पर सो रहे पप्पू खां (50) पुत्र मदारी और उसके पुत्र रफीक (16) की मौत हो गई थी। परसौड़ा गांव में हाईटेंशन लाइन के करंट से यह चौथी मौत थी।
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