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परवान नहीं चढ़ रही किसान मानधन योजना

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बांदा। प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना चित्रकूटधाम मंडल में परवान नहीं चढ़ पा रही। संबंधित विभाग भी दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। मंडल में 1,92,906 किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य है, लेकिन सात माह में मात्र 9883 किसानों का ही पेंशन योजना के लिए पंजीकरण हुआ है। यह मात्र 5 फीसदी है। मंडल में सबसे फिसड्डी मंडल मुख्यालय बांदा जनपद है।
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किसानों को पेंशन देने के लिए केंद्र सरकार ने पिछले वर्ष अगस्त में किसान मानधन योजना शुरू की थी। इसमें 18 से 40 वर्ष आयु के किसानों को ही शामिल किया गया है। अंशदान के रूप में किसानों को प्रीमियम भी जमा करना होगा।
60 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद प्रतिमाह तीन हजार रुपये पेंशन के रूप में देने का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग के काउंटर अथवा जन सेवा केंद्र में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। विभागीय प्रचार-प्रसार के अभाव में किसान इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे।
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कृषि विभाग के ताजा आंकड़ों के मुताबिक इस योजना में अब तक मंडल में 7,71,624 किसान चिह्नित किए गए हैं। इनमें 25 फीसदी यानी एक लाख 92 हजार 906 किसानों को लाभान्वित करने का लक्ष्य तय किया गया, लेकिन अब तक मात्र 9883 किसान ही योजना से जुड़ सके हैं।
मंडल में मानधन योजना की प्रगति
जनपद किसान लक्ष्य पंजीकरण प्रतिशत
महोबा 1,48,584 37,146 2409 6.5
हमीरपुर 2,00,544 50,136 3043 6.0
चित्रकूट 1,58,094 39,524 2186 5.5
बांदा 2,64,402 66,101 2245 3.4
योग 771624 192906 9883 5.4
60 वर्ष तक प्रीमियम, फिर पेंशन
बांदा। किसान मानधन योजना में किसानों को प्रीमियम के रूप में 55 रुपये से लेकर 200 रुपये 60 वर्ष की उम्र तक जमा करना हैं। इसके बाद उन्हें 3000 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी। लाभार्थी किसान की मृत्यु होने पर उसकी विधवा को 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलेगी।
योजना की प्रगति के लिए लगाए जाएंगे शिविर
पेंशन योजना का लाभ लघु व सीमांत किसान को ही मिलेगा। पात्रता के तहत 18 से 40 वर्ष आयु के किसानों की संख्या गांवों में काफी कम है। इसके ऊपर उम्र के किसानों की संख्या ज्यादा है। इससे योजना की प्रगति नहीं हो पा रही। गांव स्तर पर अभियान चलाएंगे। शिविर आयोजित कर लोगों को पंजीकरण के लिए प्रेरित करेंगे।-एके सिंह, उप निदेशक (कृषि), बांदा।
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