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किसान ने फांसी लगाकर जान दी

Sun, 31 May 2015 11:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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ओला और बारिश से बची फसल में काफी कम पैदावार देख किसान ने फांसी लगाकर जान दे दी। फांसी लगाने से पहले उसने पत्नी और बच्चों को दूसरे कमरे में बंद कर दिया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। मृतक के पिता के नाम बैंक का 5 लाख रुपये कर्ज है। इसके अलावा उस पर 70,000 रुपये बिजली का बिल बकाया है।
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देहात कोतवाली क्षेत्र के जमालपुर गांव के निवासी आनंद त्रिपाठी (42) पुत्र केशव प्रसाद शहर में डीएम कालोनी में रहते थे। पत्नी नीति ने बताया कि शनिवार को वे गांव गए थे। वहां अनाज की मात्रा काफी कम देखकर परेशान हो गए थे। रात को जिस कमरे में वह पुत्री ऋचा, निधि और पुत्र वरुण, तरुण के साथ सो रही थी उसे आनंद ने बाहर से बंद कर दिया था।

सुबह दरवाजा बाहर से बंद मिलने पर पड़ोसियों को फोन किया। पड़ोसियों ने ताला तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। दूसरे कमरे में आनंद का शव फांसी पर लटका था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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आनंद की पुत्री ऋचा ने बताया कि बंटवारे में पिता के हिस्से में करीब 7 बीघा जमीन मिली थी। इसमें खेती होती थी। डीएम कालोनी स्थित उनके मकान पर 70 हजार रुपये बिजली बकाया है। बाबा केशव प्रसाद पर 5 लाख रुपये का बैंक कर्ज है। इसकी अदायगी की जिम्मेदारी भी आनंद पर थी। बैंक कर्ज. बिजली का बिल और पैदावार कम होने के सदमे में पिता ने फांसी लगाकर जान दे दी।
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