बांदा/अतर्रा। बैंक के 65 जार रुपये के कर्जदार 60 वर्षीय किसान ने खेत में पेड़ से रस्सी बांधकर फांसी लगा ली। एक अन्य घटना में युवक ने जहर पीकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने घटना की वजह घरेलू कलह बताई है। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
अतर्रा थाना क्षेत्र के पतारी पुरवा (बरेंहडा) में कल्लू उर्फ रामेश्वर (60) पुत्र चुन्ना कुशवाहा गांव में रहकर खेती-किसानी करते थे। पुत्र शिवपूजन ने बताया कि बुधवार की रात खाना खाने के बाद पिता घर से निकल गए थे। गुरुवार को सुबह गांव में रामजानकी मंदिर के पास खेत में पेड़ से शव फंदे पर लटका मिला।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुत्र ने बताया कि पिता ब्रेन टीबी के मरीज थे। दो साल से लखनऊ से इलाज चल रहा था। बताया कि भारतीय स्टेट बैंक की कृषि विकास शाखा से 50 हजार रुपये कर्ज ले रखा था। यह अब बढ़कर 65 हजार रुपये हो चुका है। कर्ज की पुष्टि बैंक प्रबंधक ने भी की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2019 में बैंक से पैसा लिया था। कर्जमाफी योजना के तहत लिखा गया था, लेकिन माफ नहीं हुआ।
उधर, गिरवां थाना क्षेत्र के सहेवा गांव निवासी रामबाबू (27) पुत्र राजबहादुर ने बुधवार को दोपहर जहर पी लिया। वह घर में अकेला और बेहोश पड़ा था। पड़ोसियों ने अलग रह रहे अन्य परिजनों को घटना की सूचना दी और उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।
यहां देर रात उसकी मौत हो गई। पिता ने बताया कि वह मुंबई के एक होटल में मजदूरी करता था। साल भर से घर में था। 10 दिन पूर्व रामबाबू के कहने पर उसने डेढ़ बीघा खेत और मकान तीन पुत्रों के बीच बांट दिया था। तब से वह अपनी पत्नी सावित्री के साथ अलग रहता था। घटना के समय पत्नी किसी रिश्तेदारी में छनेहरा गांव गई थी। घटना की वजह आर्थिक संकट और घरेलू कलह बताई है।