बुधवार को नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही आम आदमी की जेब पर कुछ अतिरिक्त बोझ भी बढ़ेगा। मेहमानों की अगवानी या विदाई के लिए रेलवे स्टेशन जाने वालों को प्लेटफार्म टिकट के लिए अब पांच के स्थान पर 10 रुपये खर्च करने पड़ेंगे। दूसरी तरफ खुशखबरी यह है कि कई सरकारी सेवाओं में टैक्स की राहत मिलेगी। प्रसूताओं को अब सरकारी अस्पतालों में खून हासिल करने के लिए सर्विस टैक्स नहीं लगेगा।
पहली अप्रैल से नया वित्तीय वर्ष 2015-16 शुरू हो जाएगा। रेलवे ने इस नए वर्ष में उपभोक्ताओं पर पांच रुपये का अतिरिक्त भार डाला है। मात्र दो घंटे के लिए प्लेटफार्म में रहने की अनुमति देने वाला प्लेटफार्म टिकट 10 रुपये का मिलेगा।
स्टेशन प्रबंधक एससी पटेल ने बताया कि यहां रोजाना लगभग 150 प्लेटफार्म टिकट बिकते हैं। सोमवार और बुधवार को तुलसी व बेतवा ट्रेनों के दिन होने से इनकी बिक्री दोगुनी हो जाती है। नए वर्ष में रेलवे ने जहां माल भाड़े में 10 फीसदी की वृद्धि की है।
वहीं आरक्षण में यात्रियों को सहूलियत दी है। अब यात्री 60 दिन के बजाए 120 दिन (4 माह) पूर्व अपना आरक्षण करा सकेंगे। इसके लिए कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। नए वित्तीय वर्ष में सरकारी अस्पतालों में भर्ती प्रसूताओं को ब्लड बैंक से खून मुफ्त मिलेगा।
अब तक 400 रुपये सर्विस टैक्स के नाम पर लिए जाते रहे हैं। अब यह टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन खून के बदले खून देने की व्यवस्था लागू रहेगी। पेट्रोल-डीजल के दामों में कुछ कमी हो सकती है। हालांकि मंगलवार को शाम तक इसी सूचना नहीं थी।