संत सम्मेलन समापन पर भंडारे में श्रद्धालु।
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तिंदवारी। ब्रह्मलीन स्वामी रामानंद सरस्वती की अष्टम पुण्यतिथि पर जसईपुर के वीर पहलवान बाबा आश्रम में पांच दिवसीय संत सम्मेलन व संगीतमय भजन-कीर्तन कार्यक्रम का समापन किया गया। यहां भंडारा कर संतों की विदाई दी गई।
महंत स्वामी जयराम दास द्वारा संतों को प्रसाद खिलाकर अंग वस्त्र भेंट कर विदाई दी। समापन पर स्वामी जयराम दास ने कहा कि सफलता के लिए चार तत्वों को महत्व दिया गया है। आत्मबल, कौशल, ध्येय और आत्मविश्वास। इसमें आत्मबल महत्वपूर्ण है। स्वयं के बारे में आप जैसा सोचते हैं, वैसे ही बनते हैं।
सबसे पहले आत्मबल के साथ आत्मसम्मान के भाव को जागृत करना होगा। भंडारे में कुरसेजा धाम महंत स्वामी परमेश्वर दास महाराज, सिंघौली के त्यागी महाराज, प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल सिंह, भाजपा नेता आनंद स्वरूप द्विवेदी, निवर्तमान प्रधान संघ ज्ञान सिंह यादव, सतेंद्र प्रताप सिंह, जगमोहन सिंह, बड़ेलाल पटेल, रवि प्रकाश सिंह, डॉ. शिवमोहन सिंह, अरुण सिंह पटेल, महानारायण शुक्ला, अतुल दीक्षित, देवा त्रिपाठी, दीपू सोनी आदि मौजूद थे।