अतर्रा। अनुशासनहीनता और अभद्र टिप्पणी के आरोप पर पद से हटाए गए पदाधिकारी को 24 घंटे में दोबारा उसी पद पर नियुक्त कर दिया। पदाधिकारी ने इसे सत्य की जीत बताया।
लोहिया वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष व प्रदेश सचिव अमोल यादव को प्रदेश अध्यक्ष रामकरण निर्मल ने 25 फरवरी को अनुशासनहीनता और अभद्र टिप्पणी के आरोप पर पद से हटा दिया था। इसके बाद समर्थकों ने सोशल मीडिया पर संगठन के कुछ लोगों द्वारा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को गुमराह करने और गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। दूसरी ओर बढ़ते विरोध के चलते महज 24 घंटे के अंदर प्रदेश अध्यक्ष ने नया पत्र जारी कर उन्हें प्रदेश सचिव के पद पर नियुक्त कर दिया।
अमोल यादव ने इसे सत्य की जीत बताते हुए कहा कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक यह बात पहुंची थी, जिन्होंने जनहित के मुद्दे को उठाने पर किए गए निष्कासन पर नाराजगी जताई। इसके बाद उन्हें पुन: दायित्व सौंपा गया है।